मिर्जापुर। देव दीपावली रविवार को नगर के कचहरी घाट सहित विंध्याचल में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा घाटों पर टिमटिमाते दीपों की अद्भुत छटा देखते ही बन रही थी। देव दीपावली का पर्व देवताओं के असुरों पर विजय के पर्व के रूप में मनाया जाता है। देव दीपावली का मनोरम नजारा देखने शाम के समय बड़ी संख्या में लोग तट पर जुटे रहे।
बता दें कि भगवान शंकर ने आज ही के दिन त्रिपुरा सुर राक्षस का वध किया था। इसी उपलक्ष्य में गंगा घाटों पर मां गंगा का पूजन-अर्चन के साथ ही भव्य आरती की गई। इस अवसर पर गंगा घाटों की सीढ़ियाें पर कतार में जलते दीपों की अद्भुत छटा देखते ही बन रही थी। विंध्याचल के गंगा घाटों पर देव दीपावली के अवसर पर दीपदान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान से मां गंगा का पूजन और भव्य आरती किया गया। तत्पश्चात् भक्तों ने दीपदान किया। शाम के समय गंगा में तैर रहे जलते दीपों को देख ऐसा लग रहा था कि जैसे भगवान विष्णु का क्षीर सागर जमी पर उतर आया हो। इस अवसर पर स्थानीय भक्तों के साथ ही दूरदराज से आए दर्शनार्थियों ने गंगा में दीपदान किया। नगर के कचहरी घाट पर सूर्यास्त होते ही सीढ़ियों पर दीपों की कतारें लगनी शुरु हो गई थी। इस अवसर पर गंगा घाट स्थित देवी-देवताओं के मंदिरों की भी बड़े ही मनोहारी ढंग से सजावट की गई थी। नर-नारियों ने मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन भी किया। कचहरी घाट पर सजी मां गंगा की मूर्ति की विधिवत पूजन-अर्चन की गई। बच्चों ने बढ़चढ़ कर गंगा में दीपदान किया। गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित दीपदान के दौरान समिति के शिव प्रसाद उपाध्याय, अशोक, पवन तिवारी, अजय श्रीवास्तव, संतोष सेठ, सूर्यदेव, मुन्ना गुरु, राजाराम, गणेश श्रीवास्तव आदि व्यवस्था में तल्लीनता से डटे रहे।