मिर्जापुर। आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। हालत यह है कि जिले के सैकड़ों इंडिया मार्का टू हैंडपंप रीबोर की बाट जोह रहे हैं। वहीं ट्यूबवेलों की भी हालत ठीक नहीं है। ऐसे हालात में लोग शुद्ध जल के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं।
चालू वित्तीय वर्ष में जनपद में कुल 600 इंडिया मार्का टू हैंडपंप के रीबोर का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अभी तक मात्र 129 का रीबोर हुआ है। जबकि 471 हैंडपंप रीबोर की बाट जोह रहे हैं। वहीं 231 इंडिया मार्का टू
हैंडपंप के रीबोर के लिए प्रार्थना पत्र जल निगम अभाव शाखा
के पास आ चुके हैं। लेकिन उन्हें रीबोर नहीं किया जा सका है। हालांकि विभाग के पास रीबोर
के लिए पैसा भी उपलब्ध है। लगभग यही हाल ट्यूबेलों का
भी है। विभाग की ओर से
नया ट्यूबवेल तो लगाया जा रहा है। लेकिन पुराने ट्यूबेलों को बनाने का कार्य नहीं किया जा
रहा है।
जिले में 28 ट्यूबेल पूर्व के लगे हैं। इसमें तीन ट्यूबवेल मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। अगर विभाग हैंडपंप व ट्यूबवेल को बनवा देता तो लोगों को शुद्ध जल के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ता।