मिर्जापुर। विंध्याचल रेलवे स्टेशन से अंतर प्रांतीय गिरोह के दो सदस्यों से बरामद हुए रेल टिकट के आरक्षण फार्म को मुहैया कराने के लिए आरपीएफ ने सीआरएस मिर्जापुर को चिट्ठी लिखी है। आरपीएफ का मानना है कि बरामद हुए टिकटाें के आरक्षण फार्म मिलने पर टिकटाें की कालाबाजारी में शामिल रेल कर्मचारियोें को दबोचने के साथ ही इस खेल में शामिल अन्य लोगों को भी बेनकाब कर दिया जाएगा।
आरपीएफ कंपनी कमांडर एसके वर्मा ने बताया कि मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक एके चौधरी को चिट्ठी लिख कर सोमवार को बरामद हुए रेल टिकटाें के आरक्षण फार्म को मांगा गया है। आरक्षण फार्म से यह पता लगाने में आसानी होगी कि टिकटाें की कालाबाजारी में कौन सा रेल कर्मी शामिल है। इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, उनके बारे में भी पूछताछ कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। कंपनी कमांडर ने बताया कि बरामद हुए सभी टिकटाें को लाक करा दिया गया है। ताकि कोई उसका डुप्लीकेट न निकाल पाए और न ही उस टिकट पर र्कोई यात्री यात्रा कर पाए। कहा कि मामले की सघनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले से पर्दा उठा दिया जाएगा। बताते चलें कि मुखबिर की सूचना पर एसके वर्मा ने विंध्याचल रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण काउंटर के पास से टिकटाें की कालाबाजारी में शामिल अंतरप्रांतीय गिरोह के दो सदस्याें को गिरफ्तार कर 70 हजार रुपये के टिकट समेत पांच आईडी, तीन एटीएम कार्ड व 12500 रुपये समेत अन्य सामान बरामद किए थे। वहीं टिकटों की कालाबाजारी को लेकर आरपीएफ के कड़े रुख को लेकर विंध्याचल व मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के कर्मियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।