मिर्जापुर। गुरु पूर्णिमा पर मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने हरियाणा से आए एक परिवार के साथ मंदिर की सीढ़ियों के पास मारपीट की गई। मारपीट में एक दुकानदार के साथ ही कुछ पुरोहित भी शामिल हो गए थे। इस दौरान सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि परिवार की महिलाओं और लड़कियों को भी जमकर मारा-पीटा गया। मारपीट में छह लोग घायल हो गए।
हद तो तब हो गई जब वहां पर कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे, लेकिन उन्होंने मारपीट कर रहे लोगों को न तो रोका और न ही गिरफ्तार किया। मारपीट से दुखी होकर हरियाणा से आया परिवार मां के दर्शन के बगैर ही वापस लौट गया।
सोमवार अपराह्न करीब एक बजे दर्शनार्थियाें के साथ मारपीट की खबर लगते ही मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। दर्शनार्थी इधर-उधर भागने लगे। सूचना पाकर पहुंचे पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि दर्शनार्थियाें के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और उसके बाद सब कुछ शांत हो गया था। इस तरह की हरकत जिसने भी की है गलत और निंदनीय है। दर्शनार्थी हमारे भगवान हैं। उनका स्वागत करना हमारा कर्तव्य है। इस संबंध में तहरीर न मिलने से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इससे मारपीट में घायल हरियाणा के श्रद्धालुओं के नाम की जानकारी नहीं हो सकी।