मिर्जापुर । विभिन्न विभागों के यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर अखिल भारतीय हड़ताल के दूसरे दिन भी सरकारी विभागों डाकघर, आयकर, जीवन बीमा निगम व अन्य जगहों पर कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही।
फतहां स्थित प्रधान डाकघर में हड़ताल के दूसरे दिन भी कर्मचारी संगठनों की हड़ताल जारी रही। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने वादा खिलाफी की है। कर्मचारी संगठनों की हर जायज मांगों को सरकार नकारती आ रही है। इस प्रकार की कर्मचारी विरोधी नीति पहले कभी नहीं देखी गई। इस अवसर पर संगठन के अशोक कुमार तिवारी, सर्वेश कुमार पांडेय, अशोक शास्त्री, आनंद कुमार, दिवाकर शुक्ला आदि थे। इसी प्रकार रामबाग स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा कार्यालय पर सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगे आज तक लंबित हैं। कई बार सरकार आश्वासन दे चुकी लेकिन कार्रवाई के नाम पर शून्यता की स्थिति रही। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अभी भी वक्त है सरकार चेत जाए। कर्मचारी विरोधी नीतियां सहन नहीं की जाएंगी। इस अवसर पर प्रशांत श्रीवास्तव, रंजीत, अजय, सिकंदर, शिवशंकर, विष्णु कुमार, सुरेश कुमार, राजकुमार आदि थे। अध्यक्षता शिवप्रताप सिंह व संचालन शरद कुमार ने किया। इसी प्रकार आयकर विभाग में आयकर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। चार सूत्री मांगपत्र पर चर्चा की गई। अश्विनी कुमार, रामकुमार सोनकर, अनिल कुमार गुप्ता, शशांक श्रीवास्तव, जगदीश्वर पटेल, विभव प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार, अरविंद कुमार आदि थे। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन की ओर से सभा कर सरकार की नीतियों की मुखालफत की गई। इस अवसर पर अरूण कुमार श्रीवास्तव, हसन अंसारी, संजय यादव, डीके मिश्र, प्रवीण सहाय, अंकुर चौरसिया आदि थे। इसी प्रकार फतहां स्थित सिंचाई विभाग कालोनी में भी सभा की गई और नारेबाजी की गई। इस अवसर पर अरूण कुमार त्रिपाठी, रामप्यारे, विनोद तिवारी, एसएन द्विवेदी, संजय सिंह आदि थे। इसी प्रकार फतहां स्थित बिजली विभाग में भी धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता मनोज कुमार यादव, एके सिंह, एसडीओ सूरज शाह, अभिषेक यादव, अनुराग अग्रवाल, विनोद कुमार, अभय सिंह आदि थे।
सामान्य प्रशासन पर कोई असर नहीं
हड़ताल से आम लोगों को परेशानी तो जरूर हुई लेकिन इससे सामान्य प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रशासन का कामकाज अपनी गति से चलता रहा।
- राजितराम प्रजापति, एडीएम