मिर्जापुर। गंगा में बढ़े जलस्तर को देख पहले बाढ़ से प्रभावित रह चुके तटवर्ती गांवों के लोगों ने सुरक्षित ठौर की तलाश शुरू कर दी है। वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर 2014 की तरह बाढ़ आई तो बड़े पैमाने पर तबाही होगी। जिले के छानबे, विंध्याचल, पड़री, चुनार, नरायनपुर, सीखड़, मझवां आदि ब्लाकों के तटवर्तीय इलाकों में पानी चढ़ने लगा है। बरियाघाट की बीस सीढ़ियां डूब गई है और घाट पर स्थित प्राचीन मंदिरों तक पानी पहुंच चुका है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 70.9 सेमी रिकार्ड किया गया था। मंगलवार को गंगा स्थित रही और जलस्तर दो सेंटीमीटर घटकर 70.7 सेमी पर पहुंच गया। जलस्तर में कमी के बाद भी लोग भयभीत हैं।
एक पखवारा पूर्व जहां गंगा के किनारे रेत की पाट और बीच में टीले दिखाई दे रहे थे वहीं अब चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। पिछले दिनों हुई आसपास के जिलों में बारिश के चलते सहायक नदियों का पानी गंगा में आने से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले पांच दिनों से लगातार गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सोमवार तक दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा था लेकिन मंगलवार को दो सेंटीमीटर के घटाव के बाद जलस्तर 70.7 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। पंद्रह दिनों में गंगा के जलस्तर में हुए बढ़ाव के चलते बरियाघाट पर गंगा घाट की बीस सीढ़ियां डूब गई हैं और प्राचीन मंदिरों तक पानी फैल गया है। जिले के छानबे, विंध्याचल, पड़री, चुनार, नरायनपुर, सीखड़, मझवां आदि ब्लाकों के तटवर्तीय इलाकों में पानी चढ़ने से भयभीत हुए लोग सुरक्षित ठौर की तलाश में जुट गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख तटवर्ती गांवों के लोग वर्ष 2014 में आई बाढ़ को याद कर सहम गए हैं। बारिश के चलते जिले के नदी-नाले व तालाब भर गए हैं। अहरौरा व लालगंज के जलाशयों में पानी भरने से बांध के आसपास के ग्रामीणों को भी बाढ़ की चिंता सताने लगी है। विंध्याचल: गंगा का जलस्तर बढ़ते देख गंगा किनारे बसे गांवों के बाढ़ को लेकर आशंकित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सुरक्षित ठौर की तलाश में जुट गए हैं। क्षेत्र के गजिया, ओझला, निषाद बस्ती, कंतित, रामगयाघाट, बबुरा, शिवपुर, बनवारीपुर, मल्लहिया, दूधनाथ चुंगी, रेहड़ा आदि गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। सीखड़: क्षेत्र के प्रेमापुर, रामगढ़, भुवालपुर, कठेरवां, शिल्पी, मुंदीपुर, मेड़ियां, बसारतपुर, मवईया, अराजी लाइन सुल्तानपुर, अदलपुरा, चुुरामनपुर आदि कई गांवों के ग्रामीण गंगा का जलस्तर देख चिंतित हैं। उनका कहना है कि अभी गंगा का पानी गांव के करीब नहीं आया है, लेकिन अगर जलस्तर बढ़ा तो कई गांव बाढ़ केे चपेट आ जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी में जुटे: चील्ह। कोन ब्लाक के तटवर्तीय गांवों के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर चिंतित हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख पशुपालक अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी करने लगे हैं। वहीं कच्चे मकान में रहने वाले लोगों की भी परेशानी बढ़ गई है। उन्हें पानी के प्रभाव से कच्चा मकान गिरने का डर है। क्षेत्र के हरसिंगपुर, मल्लेपुर, लखनपुर, मझिगवां, जगदीशपुर, चील्ह, भटेवरा, गड़गेड़ी, कोल्हुआं, कमासिन, रामपुर, देवपरवां, मुजेहरा, चेकसारी आदि गांव बाढ़ से प्रभावित होते रहे हैं। इन गांवों के लोग अपने सामानों को सुरक्षित करने में जुटे हैं।
बारिश से नदी-नाले तालाब उफान पर: जिगना। विकास खंड छानबे के तटवर्तीय गांवों में चेहरा, देवरी मुचलिके गैरा, काशी सरपत्ती, हरगढ़, गोगांव, खैरा, बसेवरा, मिश्रपुर, नगवासी, दुुगौली, डंगहर, परमानपुर आदि तटवर्ती गांवों के लोग नदी-नालों में उफान को देख कर भयभीत हैं। इन गांवों के लोगों का कहना है कि अभी गंगा का पानी गांव से काफी दूरी पर है लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चिंता होना लाजिमी है। निरंतर हो रही बारिश से क्षेत्र के नदी-नाले व तालाब भी उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण व पशुपालक भी परेशान नजर आने लगे हैं।
बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन: मिर्जापुर। जिले में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारियों में जुट गया है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने प्रबंधन के लिए जिला पूर्ति विभाग तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया है। जिला पूर्ति अधिकारी उमेशचंद्र ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को तहसीलवार नोडल अधिकारी बनाया है। इनमें तहसील सदर और चुनार में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी चुनार रामशृंगार पाल तथा तहसील मड़िहान, लालगंज और जिला पूर्ति कार्यालय मिर्जापुर में लक्ष्मण राम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सदर तहसील में पूर्ति निरीक्षक विनोद कुमार तिवारी, विनीत पांडेय, विकास कुमार सोनकर और सुनील कुमार सिंह, तहसील चुनार में पूर्ति निरीक्षक काशीनाथ, रवींद्र कुमार यादव, मड़िहान तहसील में विनोद कुमार तिवारी, लालगंज तहसील में अजय कुमार मिश्रा और जिला पूर्ति कार्यालय में विकास कुमार सोनकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सभी पेट्रोल पंप मालिकों को एक हजार लीटर पेट्रोल और पांच हजार लीटर डीजल तथा प्रत्येक गैस एजेंसी मालिकों को 50-50 गैस सिलेंडर स्टाक में रखने का निर्देश दिया है। ताकि आपात स्थितियों में जनता को उपलब्ध कराया जा सके। जिलाधिकारी ने प्रत्येक माह अनाज का उठान रोस्टर के अनुसार कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कार्डधारकों को अनाज वितरण नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से तेल गोदाम, डीजल व पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा व्यवस्था करने की बात कही है।