चुनार किले का जायजा लेते एसडीएम चुनार
चुनार। जनपद के ऐतिहासिक चुनार दुर्ग की बदहाली के साथ ही जर्जर द्वार, दुर्ग की दरकती दीवारों, क्षतिग्रस्त रानी सोनवा की बाउली एवं दुर्ग तक पहुंचने वाले खस्ताहाल मार्ग से जुड़ी अमर उजाला में प्रकाशित शृंखलाबद्ध खबरों पर प्रशासन का ध्यान भंग हुआ। मामले को संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को उपजिलाधिकारी चुनार डा. अविनाश त्रिपाठी ने दुर्ग का निरीक्षण किया।
उन्होंने दुर्ग तक पहुंचने वाले मार्ग, किलेका द्वार, रानी सोनवा मंडप एवं क्षतिग्रस्त बाउली के हाल को खुद अपनी आंखों से देखा। दुर्ग के अंदर की दुर्दशा को देखकर मौके से ही उपजिलाधिकारी ने क्षेत्रीय निदेशक पुरातत्व विभाग वाराणसी से दूरभाष पर बातकर क्षतिग्रस्त मार्ग और बाउली की तत्काल मरम्मत कराने के बारे में बातचीत की। जिस पर क्षेत्रीय निदेशक ने बाउली की शीघ्र मरम्मत कराए जाने की बात कही। उपजिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद क्षेत्रीय लोगों में उम्मीदें जगी हुई है।