मिर्जापुर। मिट्टी में पोषक तत्व होंगे तभी किसान अच्छी उपज पा सकेंगे। यह बात बरकछा स्थित बीएचयू के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में
विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस एवं रबी किसान सम्मेलन में वैज्ञानिकों ने कहीं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच कराकर सही मात्रा में उर्वरक डालने से उत्पादन भी बढ़ेगा और लागत भी कम होगी। लिहाजा मृदा की जांच जरूर कराएं।
कार्यक्रम का उद्घाटन महामना मदनमोहन मालवीय की मूर्ति पर माल्यार्पण करके और दीप जलाकर अपना दल के जिलाध्यक्ष रमाकांत पटेल, निदेशक प्रो. रवि प्रताप सिंह ने किया। केंद्र अध्यक्ष प्रो. श्रीराम सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों के बारे में बताया। कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू के निदेशक प्रो. रवि प्रताप सिंह ने उत्पादन बढ़ाने के लिए मृदा की जांच को आवश्यक बताया। उन्होंने उन्नतशील प्रजातियों के बारे में भी जानकारी दी। प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने मृदा परीक्षण के महत्व, मिट्टी के पोषक एवं सूक्ष्म तत्वों और नकी कमी से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। कवक एवं पौध रोग विज्ञान विभाग के प्रो. आरबी सिंह ने रबी फसलों में लगने वाले रोगों एवं उनके प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। पशुपालन वैज्ञानिक प्रो गुरु प्रसाद सिंह ने पशुओं द्वारा उत्पादित खाद और उसके प्रभाव के बारे में जानकारी दी। प्रो संत प्रसाद ने रबी के खेती के आधुनिक तरीके और डॉ. एसके गोयल ने आधुनिक कृषि यंत्रों के बारे में बताया। मृदा वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। प्रक्षेत्र प्रबंधक कृष्ण कुमार मौर्य ने नुकसान करने वाले कीटों और मित्र कीटों की पहचान सिखाई। बीरबल पाल, छोटेलाल बिंद, कांता प्रसाद, जोखू प्रसाद सहित 15 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया।