मिर्जापुर। लोकसभा चुनाव 2019 की दुंदुभि बज चुकी है। पार्टियां और दल आमने सामने आ चुके हैं। अब बस प्रत्याशियों का चयन होना बाकी है। कई दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है जबकि कई के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होना बाकी है। जिले की संसदीय सीट के लिए भी प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। जनता अपने उम्मीदवार से क्या अपेक्षा रखती है। इस पर जब कुछ मतदाताओं से उनकी राय जानी गई तो उन्होंने बेबाकी से अपनी राय जताई।
प्रतिनिधि को जनता के सुख दुख में सहभागी होना चाहिए। जनता को उससे बस यही अपेक्षा रहती है कि वह यदि कोई समस्या आती है तो उसके निराकरण में सहायता करे। यही बहुत है।
- अनिल बरनवाल।
प्रतिनिधि ऐसा हो जो लोगों से मिल सके। कई प्रतिनिधियों को जनता से मिलने का समय ही नहीं मिलता। वह अपने प्रतिनिधि बना लेते हैं। यह गलत है, इससे बचना चाहिए।
- राजू अग्रवाल।
कई ऐसे अधिकारी अथवा पदाधिकारी होते हैं जहां आम जनता नहीं पहुंच जाती। इसके लिए इन जन प्रतिनिधियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे प्रतिनिधि हों जो जनता की उम्मीदों पर खरे उतरें।
- सुशील झुनझुनवाला।
प्रतिनिधि जनता के बीच का ही आदमी होना चाहिए। ऐसा न हो कि प्रतिनिधि चुन लिए जाने के बाद वह क्षेत्र में दिखाई ही न दे। मिलने की तो बात ही अलग है। ऐसे लोगों से बचना चाहिए।
- विश्वनाथ अग्रवाल।