कछवां। पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत में स्थित तालाबों और पोखरों का अतिक्रमण किया जा रहा है। जगह-जगह हुए अतिक्रमण के चलते तालाब अस्तित्व विहीन हो गए हैं। नगर पंचायत में कुल सात तालाब मौजूद हैं, जिनमें मात्र दखीनहिया पोखरी ही बची हुई है। इस पर भी भू-माफियाओं की नजर लगी हुई है।
छह तालाब भले ही कागजों पर दर्ज हों पर मौके पर बिल्कुल गायब हो चुके हैं। नगर पंचायत में विकास प्राधिकरण गठन होने के बाद भी नगर पंचायत द्वारा अभी तक अतिक्रमण के खिलाफ कोई समुचित कार्रवाई न किए जाने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। नगर के दखीनहिया तालाब का सरंक्षण नहीं होने से तालाब के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थिति यह है कि तालाब की सफाई नहीं होने से उसकी गहराई प्रतिवर्ष घट रही है। आसपास मौजूद लोगों के द्वारा मिट्टी पाटकर कब्जा किया जा रहा है जिससे तालाब सिकुड़ता जा रहा है। तालाब की जमीन पर अधिकांश लोगों द्वारा घर और मकान बना लिया गया है। तालाबों और पोखरी को यदि संरक्षित कर उसका सौंदर्यीकरण करा दिए जाए तो नगर की सुंदरता के साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या से भी कुछ हद तक निजात पाई जा सकती है।
अतिक्रमण का मामला नगर पंचायत के संज्ञान में है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी की गई है। जल्द ही अभियान चलाकर तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा। - विनीत कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, कछवां