मिर्जापुर। सक्तेशगढ़ आश्रम के समीप नदी के तट पर स्थित आस्था का केंद्र मटियानी आश्रम के मठाधीश 80 वर्षीय रणजीत बाबा का बुधवार की शाम पांच बजे अंतकाल हो गया। गुरुवार को आश्रम परिसर में अनुयायियों ने उन्हें समाधि दी। इस मौके पर काफी संख्या में भक्त आश्रम मौजूद रहे। वहीं वाराणसी, मिर्जापुर, जौनपुर, भदोही, लखनऊ सहित अन्य जिलों के भक्तों भी मठ पहुंचकर बाबा के अंतिम दर्शन किए।
इस दौरान भक्तों को नारद महाराज ने उपदेश दिया कि मृत्यु एक शाश्वत सत्य है। इस सत्य को हम जितना जल्दी स्वीकार कर लें, उतने ही हम सुखी, शांत और संयमित रहेंगे। धरती पर कोई भी जीव अमर नहीं है। अमर है तो वह है केवल परिवर्तन, बाकी सब नाशवान ही हैं। भगवान भी जब स्वयं मनुष्य का रूप लिया तो उन्हें भी एक अवधि के उपरांत जाना पड़ा, हम तो एक साधारण मनुष्य ही है। यह सत्य हम सभी जानते हैं, पर मानते नहीं हैं। इसी कारण अपने झूठे मान-सम्मान, अहंकार और मोह-माया के वशीभूत होकर कभी-कभी जान-बूझकर किसी के दिल को ठेस पहुंचाने वाली बातें भी करते हैं। इस दौरान बीदुर बाबा, तानशेन बाबा, बब्बू बाबा, पप्पू सिंह, दिनेश सिंह, बबलू उपाध्याय, राजकुमार उपाध्याय, अष्ठभुजी गुप्ता आदि रहे।