मिर्जापुर। प्रांतीय धनगर महासभा की बैठक शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर के नेतृत्व में नगर के बह़मचारी कुआं स्थित जयनाथ भवन में हुई। इसमें 18 मार्च को विधानसभा का घेराव करने को रणनीति बनाई गई। बैठक के बाद एक रैली निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम वित्त एवं राजस्व को राजितराम प्रजापति को सौंपा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने समाज के लोगों से आवाहन किया कि प्रदेश सरकार धनगर समाज को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रही है। प्रदेश सरकार के जिलाधिकारी एवं तहसीलदार अपने स्तर से प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं जबकि शासनादेश में अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग एवं हाईकोर्ट इलाहाबाद द्वारा धनगर समाज की अनुसूचित जाति की अनुसूची में दर्ज धनगर जाति को गड़ेरिया की उपजाति मान्य किया है। कहा कि सरकार ने 2013 से 2017 के बीच पांच शासनादेश जारी किया लेकिन शासनादेश को जिलाधिकारी एवं तहसीलदार नहीं मान रहे हैं। यहीं नहीं सरकार से शिकायत करने पर वह ऐसे लापरवाह अधिकरियों के विरुद्घ कार्रवाई भी नहीं कर रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की मंशा धनगरों को प्रमाण पत्र जारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस गैरजिम्मेदाराना हरकत को देखकर 18 मार्च के दिन कानपुर से लखनऊ तक धनगर अधिकार पदयात्रा निकालकर आंदोलन की शुुरूआत करेगा। बताया कि 18 को डा. चिरंजीवीलाल राष्ट्रीय इंटर कालेज किदवई नगर बाईपास रोड कानपुर से 25 हजार समाज जत्था विधान सभा का घेराव करने के लिए कूंच करेगा। इसमें समाज के स्त्री पुरूष और बच्चे भी बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान जय सिंह पाल, मोतीलाल धनगर, सहदेव धनगर, स्पार्थपाल, भीमराज धनगर, भानूप्रताप धनगर, सुशील धनगर, भागवत धनगर, दिनेश धनगर, विजय बहादुर आचार्य, सुरेश धनगर, डा. शिवजोर पाल, सत्यपाल धनगर आदि शामिल है।