मिर्जापुर। ठंड व गलन से जनपदवासी बेहाल हैं। वहीं कोहरे के चलते ट्रेनें विलंबित होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह नौ बजे तक न्यूनतम तापमान आठ और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस तक रहा। ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों को 13 जनवरी तक बंद कर दिया है। उधर, मंडलीय अस्पतालों में ठंड लगने से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
जिले में बुधवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। सुबह छह बजे दृश्यता कम होने के कारण पांच फीट की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे के चलते गलन बढ़ने से लोग देर तक रजाई में सिमटे रहे। वैसे तो प्रशासनिक स्तर और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई लेकिन कई सार्वजनिक स्थानों पर अब भी अलाव की व्यवस्था नहीं है जिससे राहगीत ठिठुरने को विवश हैं। ठंड के चलते गंगा घाटों पर भी रोजाना स्नान करने वालों की संख्या में इन दिनों कमी देेखी जा रही है। कोहरा एवं पाला पड़ने से किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। अरहर एवं सरसों के पौधों के फूल सूखने लगे हैं, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। हालांकि भगवान सूर्य ने पूरे दिन अपनी ऊर्जा प्रदान की। इससे लोगों को दिन में ठंड से थोड़ी राहत मिली। कोहरे ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति देकर ठंड को बढ़ा दिया है। धूप के चलते जानलेवा बनी ठंड में पशु-पक्षी सड़कों पर नजर तो आए लेकिन ठिठुरे रहे। वहीं घर की महिलाओं ने धूप निकलने से राहत महसूस किया, लेकिन भीषण ठंड में पानी ने उनके हाथ जमा दिए। कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाकर यात्रियों को परेशानी में डाल दिया है। गलन के बीच लेट लतीफी ट्रेन के लिए यात्रियों को प्लेटफार्म पर कई घंटे गुजारने पड़ रहे हैं। बुधवार को हावड़ा जोधपुर, कालका मेल, मुंबई मेल, ताप्ती गंगा आदि ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। डाउन जोधपुर एक्सप्रेस आठ घंटे, डाउन नंदन कानन एक्सप्रेस पांच घंटे, डाउन कालका मेल चार घंटे, डा. ब्रहमपुत्र मेल नौ घंटे, मगध एक्सप्रेस चार घंटे, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस छह घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से मिर्जापुर पहुंची।