चील्ह। बेसिक शिक्षा की बदहाल व्यवस्था देखकर जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे शुक्रवार नाराज हो गए। कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षा का स्तर सुधारने को कहा। डीएम विकास खंड कोन के प्राथमिक विद्यालय चंदेल दहिया का निरीक्षण करने पहुचें। वहां बच्चे एबीसीडी तो दूर अपना नाम तक नहीं लिख पाए। वहीं निरीक्षण के दौरान शिक्षक पंकज दूबे और मुकेश श्रीवास्तव गायब मिले। वहीं प्राइमरी विद्यालय पुरजागिर में बच्चे राम नहीं लिख पाए। डीएम ने कहा कि स्वच्छता अभियान के लिए जागरूकता जरूरी है। लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए जागरूक करें।
जिलाधिकारी शुक्रवार को स्वच्छता अभियान की जांच करने विकास खंड कोन पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया कि गांव चंदेल दडिया में 11, दलापट्टी में 10 शौचालय अधूरे मिले वहीं पुरजागीर शौचालय निर्माण पूरा मिला। अधूरे शौचालयों को तीन दिन के अंदर बनवाने का निर्देश दिया। इससे 26 जुलाई तक कोन ब्लॉक को ओडीएफ घोषित किया जा सके। पुरजागिर में निर्धारित लक्ष्य से अधिक तीन सौ शौचालय बने मिले। प्राथमिक विद्यालय चंदेल दहिया पर दो अध्यापक अनुपस्थित थे, छात्र संख्या 54 की जगह मात्र 14 बच्चे ही उपस्थित मिले। डीम ने शिक्षा में घोर लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को सुधरने की चेतावनी दी और कहा कि 50 हजार वेतन और काम कुछ नही। बच्चों को नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि सभी प्रधान स्वच्छ भारत मिशन में पूर्ण रूप से सहयोग करें, अन्यथा लापरवाही मिलने पर 14वां और राज्यवित्त का पैसा रोक दिया जाएगा। संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रधान की होगी। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने विकास खंड कोन में चल रहे स्वच्छता अभियान और शौचालयों की प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान एडीओ पंचायत विनोद गौड़, विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।