विधानसभा चुनाव 2012 में 78 प्रत्याशी अपनी जमानत राशि भी नही बचा पाए थे। वर्ष 2012 के चुनाव में 91 प्रत्याशियों ने विधानसभा में पहुंचने के लिए अपने भाग्य आजमाने को नामांकन किया था। वहीं चुनार विधानसभा में वर्ष 2007 में नामांकन करने वाले मनोहर, रामकृत बियार और बिहारी लाल ने भी भाग्य आजमाया लेकिन सफलता हाथ नही मिली। चुनाव में पड़े मत का छठवां हिस्सा नहीं पाने वाले 78 प्रत्याशियों की छह लाख रुपये जमानत राशि जब्त हो गई।
विधानसभा चुनाव आते ही कई प्रत्याशी वोट काटने तो कुछ समाज में अपनी पहचान के बल पर चुनाव में भाग्य आजमाते हैं। चुनाव के दौरान अनावश्यक लोग भाग नही लें इसके लिए चुनाव आयोग ने जमानत राशि निर्धारित किया है, जिसमें एसटी व एससी वर्ग के प्रत्याशियों को पांच हजार और अन्य वर्ग के लिए दस हजार रुपये जमानत राशि जमा करना होता है। विधानसभा 2012 में हुए चुनाव के आंकड़ों के अनुसार छानबे विधानसभा में 16 में से 13 प्रत्याशी अपनी जमानत नही बचा पाए। छानबे विधानसभा के सुरक्षित सीट होने के कारण यहां के उम्मीदवारों के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपया निर्धारित की गई थी।
वहीं मिर्जापुर विधानसभा में 20 में से 17, मझवां विधानसभा में 16 में से 14, चुनार विधानसभा में 16 में से 13 प्रत्याशी जमानत राशि नहीं बचा पाए। वर्ष 2012 में अस्तित्व में आई मड़िहान सीट से 23 प्रत्याशी मैदान में उतरे जिसमें से 21 अपनी जमानत नही बचा पाए।