संवाद न्यूज एजेंसी मिर्जापुर। मोंथा चक्रवात के कारण पांचवे दिन भी मौसम में बदलाव जारी रहा। बृहस्पतिवार की देर शाम सात बजे के बाद शुरू हुई बरसात दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक होती रही। इसके बाद बारिश कुछ देर के लिए थम गई। दोपहर बाद फिर से रिमझिम फुहारे पड़ने लगे। 24 घंटे में 76 एमएम बारिश हुई। बारिश के साथ-साथ तेज हवा के झोंके के कारण किसानों की बची-खुची धान की फसलें भी बर्बाद हो गईं। नुकसान हुई फसलों को देखकर किसान बेबस रहे। कृषि विभाग का अनुमान है कि जिले में 16637 हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है।
24 घंटे में बढ़ा एक डिग्री अधिकतम तापमान
पांच दिनों से लगातार मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद से लगातार तापमान में उतार चढ़़ाव बना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। न्यूनतम तापमान स्थिर रहा लेकिन अधिकतम तापमान में चौबिस घंटे में एक डिग्री बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
कितनी हुई बारिश
चुनार 95 एमएम
सदर तहसील 85 एमएम
लालगंज 82 एमएम
मड़िहान 46 एमएम
धान के साथ आलू, मटर व हरी सब्जियों की खेती भी प्रभावित
मिर्जापुर। खेतों में पानी भरने से धान की फसलों के साथ-साथ आलू, चना, मटर, मसूर के साथ ही हरी सब्जियों की खेती भी बर्बाद हो गई है। जिगना, छानबे, सीखड़, पड़री क्षेत्र में खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल पानी में डूब गई। पानी के साथ तेज हवा से धान, बाजरा, मटर की फसल को क्षति हुई है। हलिया में तेज हवा के कारण धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गए।
दो दिन में नहीं रुकी बारिश तो बची फसल भी हो जाएगी खराब
किसान बेचू शर्मा ने बताया कि चार बीघा बाजरा खेत में कटाकर छोड़ा था। जो बारिश के पानी से डूबने से बर्बाद हो गया है। किसान बालमुकुंद सिंह, वंशीधर सिंह, राकेश सिंह, संजय प्रजापति, राजबली यादव, हरिशंकर तिवारी, मुन्नी दुबे का कहना है कि साहूकारों एवं साधन सहकारी समितियों से खाद, बीज के लिए कर्ज लेकर धान की बोआई किया था। फसल पककर तैयार हो गई थी। मौसम की मार से सबकुछ बर्बाद हो गया। कछवां में किसान मंगला प्रसाद यादव, धीरज यादव, नीरज, धीरेंद्र यादव का कहना है कि खेतों में पानी में डूबी फसल अब अंकुरित होने लगी है। एक-दो दिनों में बारिश नहीं रुकी तो धान की बची फसल भी नुकसान हो जाएगी।
18 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप, उपभोक्ता रहे परेशान
लालगंज/हलिया। शुक्रवार को तेज हवा और बारिश के बीच लालगंज उपकेंद्र से जुड़े फीडर से बिजली आपूर्ति 18 घंटे से ठप है। कोठी, रेही, तेंदुआ, मझियार, तुलसी, रजई, कटाई, तिलांव, बस्तरा, खुर्दा, मटियारी, रामपुर कामता, अमहा, बरडीहा, बसकोप, घराघनपुर, चिरूईराम,खजुरी और बल्हिया कला समेत कई गांवों में बिजली नहीं रहने से लोगों को असुविधा हुई। हलिया क्षेत्र में बरी उपकेंद्र जुड़े गांवों में 18 घंटे आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट बरकरार रहा। हलिया के हथेड़ा, अहुगी, राजपुर, मधोर, सोनगढ़ा, राजपुर, वीरपुर, सिकटा, पवारी कला, बंजारी कला, इंद्रवार, महुगढ़, कोटार आदि सहित दर्जनों गांव की बिजली बाधित ही। जेई रमाशंकर ने बताया कि बारिश के कारण 33 हजार की लाइन में फॉल्ट आ गया है। फॉल्ट ठीक करने के लिए काम चल रहा है।
पांच दिनों में गिरे 12 कच्चे मकान
हलिया। बारिश के कारण पिछले पांच दिनों में हलिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 12 कच्चे मकान गिर गए हैं। शुक्रवार को पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल और ग्राम प्रधान सर्वे कार्य में जुट गए हैं।महुगढ़ में जानकी का कच्चा मकान गिरने से पांच क्विंटल अनाज दबकर नष्ट हो गया। कलावती के घर में लगा सीमेंट चद्दर टूटकर गिरने से पांच हजार रुपए की छति हुई है। निशा का मकान गिरने से बड़े बॉक्स में रखा कपड़ा सहित पांच अनाज नष्ट हो गया। सीतबिया का तीन क्विंटल राशन सहित जरुरी कागजात दबकर नष्ट हो गया। राजपुर गांव निवासी श्रीराम कोल का कच्चा मकान गिर गया। वहीं, मिन्ना का कच्चा मकान गिरने से बाइक सहित घर गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया।