लालगंज। बाणसागर नहर के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले के 15432 किसानों की 75309 हेक्टेयर जमीन असिंचित रह गई है। बाणसागर से जिले के अकेले अदवा के अलावा प्रयागराज के किसानों को धड़ल्ले से पानी मिल रहा है, जबकि जरगों बांध व उपरौध रजवाहा के किसानों के खेत परती पड़े हुए हैं।
आरोप है कि लालगंज विकास खंड के ददरी गांव स्थित मेजा बांध में तकनीकी गड़बड़ी के चलते किसानों को पानी नहीं मिल पाया है। इसके चलते मेजा बांध से अकेले प्रयागराज और उससे लगे जिले के एकमात्र बांध अदवा से जुड़े किसानों को ही इसका लाभ मिल रहा है। दरअसल, जरगो मेजा लिंक नहर को पानी छोड़ने वाले बांध का गेट प्रयागराज के गेट से काफी ऊंचे स्थान पर बना दिया गया है। इससे मिर्जापुर के किसानों को समान रूप से पानी नहीं मिल पाता है। इस तकनीकी गड़बड़ी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों द्वारा पूछे जाने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी अब यह कह रहे हैं कि बॉटम मेंटेन होने के बाद ही जिले के किसानों को पानी मिल पाएगा। इसके लिए प्रयागराज छोड़े जाने वाले पानी के गेट को बंद करना पड़ेगा। इसके बाद जलस्तर मेंटेन होगा और तब जाकर जिले के किसानों को पानी मिल सकेगा।इस गेट से पानी छोड़े जाने से 75309 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई बाकी है।
बाणसागर नहर से मिर्जापुर और प्रयागराज दोनों जिलों के निर्धारित जमीन की सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की व्यवस्था है। सिंचाई विभाग के उप खंड अधिकारी राहुल कुमार यादव ने बताया बांध में 160 मीटर पानी है। जब 165 मीटर पर पानी होगा, तभी मेजा जर्गो लिंक नहर में पानी छोड़ा जा सकता है।