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Mirzapur News: 72534 की नहीं हुई ई-केवाईसी, आजीविका पर संकट

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मिर्जापुर। जिले में विकसित भारत जीरामजी योजना के लिए तैयारियां शुरु हो गई हैं। अब इसको लेकर सभी सक्रिय मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। जिन मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी नहीं हो सकेगी, उनको नई योजना में जगह नहीं मिल सकेगी और उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है। अभी तक जिले में 72534 जाॅबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी नहीं हुई है।
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जिले के 12 विकास खंडों में कुल 189588 सक्रिय मनरेगा जाॅबकार्ड धारक हैं। इनमें से सभी जाॅबकार्ड धारकों की आधार सीडिंग की जा चुकी है लेकिन ई-केवाईसी में समस्या आ रही है। इन सक्रिय कार्ड धारकों में से मात्र 117054 जाॅबकार्ड धारकों की ही ई-केवाईसी हो सकी है। यदि प्रतिशत के आंकड़ों में देखें तो अभी तक मात्र 61. 76 प्रतिशत जाॅबकार्ड धारकों की ही ई-केवाईसी हो सकी है। 14 फरवरी तक ई-केवाईसी करानी है। सवाल उठ रहा है कि एक दिन में शेष 72534 जाबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी कैसे होगी। डीसी मनरेगा डा. सुशांत सिंह ने बताया कि सभी खंड विकास अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं, एक दो दिन में शतप्रतिशत कार्य हो जाएगा।

चेहरा आधारित पहचान के लिए हो रही ई-केवाईसी
मिर्जापुर। यह ई-केवाईसी मनरेगा में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए चेहरा आधारित पहचान (फेस आथेंटिकेशन) के लिए कराई जा रही है। इससे जाॅबकार्ड धारकों की सटीक पहचान हो सकेगी। साथ ही इसमें कोई गड़बड़ी नहीं की जा सकेगी। जिन जाॅबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी हो जाएगी, उनको नई योजना में शिफ्ट कर दिया जाएगा लेकिन जिनका नहीं हो सकेगा, वे शिफ्ट नहीं हो सकेंगे और उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।
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10 ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों को नोटिस
मिर्जापुर। ई-केवाईसी में शिथिलता बरतने पर 10 ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों को खंड विकास अधिकारी के माध्यम से नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी जा चुकी है। राजगढ़ विकास खंड में सबसे अधिक ई-केवाईसी शेष है। वहां पर 28458 में से 17312 की ई-केवाईसी की जा चुकी है लेकिन 11151 की अभी भी शेष है। इसको एक दिन में पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
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