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एसटीएसटी एक्ट में पीड़ित को आर्थिक सहायता का प्रावधान

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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट के सभागार में रविवार को अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम व नियमावली के तहत गठित सतर्कता एवं मानिटरिंग समिति की बैठक हुई। इसमें समिति के सदस्यों को हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार एवं छेड़खानी आदि से पीड़ितों को मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में योजनांतर्गत 61 लाख रुपया आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष 63 पीड़ित व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। समिति से लाभान्वित 63 लाभार्थियों का अनुमोदन हुा था जिसमें 43 लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए प्रार्थनापत्र का अनुमोदन किया गया। उन्होंने कि हत्या का एक, बलात्कार के तीन, साधारण मामले के 50 सहित 63 मामलों में 65 लाख, 68 हजार, 750 रुपये की धनराशि की सहायता प्रदान करने की संस्तुति समिति की ओर से की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों को लाभान्वित किया जाए, किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जिला प्रोवेशन विभाग की ओर से रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के मामलों की समीक्षा की। जिला प्रोवेशन अधिकारी अमरेंद्र ने जिलाधिकारी को बताया कि 17 प्रकरण समिति के समक्ष संस्तुति के लिए रखे गए हैं, जिसमें एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट तथा एफआर की भी प्रति संलग्न कर समिति के सदस्यों के समक्ष रखा गया है। सदस्यों के विचारोपरांत 17 प्रकरण में से 12 पीड़ितों को सहायता के लिए संस्तुति प्रदान करते हुए सहायता राशि दी गई। इस मौके पर सीएमओ डा. ओपी तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला प्रोवेशन अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आरएन सिंह उपस्थित रहे।
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