मिर्जापुर। प्रशासन के निरीक्षण के दौरान पहाड़ी ब्लॉक के डगमगपुर इलाके में चल रहे क्रशर प्लांट मानक के विपरीत पाए गए थे। बावजूद इसके अभी तक किसी भी प्लांट पर कार्रवाई नहीं की गई। सारे क्रशर प्लांट अब भी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। जिसका फायदा क्रशर प्लांट मालिक एवं खनन माफिया उठा रहे हैं। उनके इस लापरवाही के कारण अवैध खनन लगाम लगता नहीं दिख रहा है।
जनपद के अधिकांश क्रशर प्लांट बगैर मानक को पूरा किए ही संचालित हो रहे हैं। प्लांट मालिकों द्वारा मानक को पूरा न करने से एक ओर पर्यावरण को भारी नुकसान तो पहुंच ही रहा है। वहीं दूसरी ओर इलाके में रहने वाले लोग भी विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, फिर भी प्रशासन उनपर कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रशासन के इस लापरवाह रवैये को देखकर गुरूवार को पहाड़ी ब्लॉक के डगमगपुर के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। ग्रामीणों ने डगमगपुर पहिती मार्ग को जाम करते हुए इलाके में समस्त क्रशर प्लांटों को बंद करने की मांग की थी। कहा कि क्षेत्र में संचालित हो रहे अधिकांश क्रशर प्लांटों ने मानक को पूरा नहीं किया है। इससे वहां से उड़ने वाली धूल की चपेट में आकर लोग टीबी, दमा समेत अन्य बीमारियां हो रही हैं। मामले की शिकायत कई बार की गई फिर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि गुरूवार को एसडीएम सदर, खनिज विभाग के सर्वेयर व पड़री थानाध्यक्ष के साथ इलाके में खनन स्थलों का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने क्रशर प्लांटों को देखा था। पाया था कि अधिकांश क्रशर प्लांट मालिकों न मानक को पूरा नहीं किया है। इसके चलते उनके प्लांट से भारी मात्रा में धूल उड़ रही है। उन्होंने सर्वेयर से प्लांटों पर बाउंड्री का निर्माण कराने, पानी का फौहार मरवाने को कहा था। मानक को पूरा नहीं करने वालों प्लांटों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। फिर भी अभी तक उनके विरुद्घ कार्रवाई नहीं हुई और अभी जनपद में अधिकांश क्रशर प्लांट बगैर मानक पूरा किए ही चल रहे हैं।
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क्रशर प्लांटों का निरीक्षण किया गया था। वहां कई कमियां मिली थीं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। फिर भी कोई मानक को पूरा नहीं करता है तो उसका प्लांट बंद करा दिया जाएगा। अरविंद चौहान, उपजिलाधिकारी सदर