ड्रमंडगंज। हलिया विकास खंड के महेशपुर गांव में हिंदुओं को पूजा करने के लिए कोई मंदिर नहीं था। गांव के मुस्लिम प्रधान ने गंगोजमुनी तहजीब की नई मिसाल पेश की है। हिंदू मतावलंबियों की परेशानी को देखते हुए मंदिर बनवाने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया। कम पड़ने पर अपने पास से धन लगाकर मंदिर का निर्माण कराया है। प्रधान ने कहा कि नवरात्र के दौरान मंदिर में दुर्गा देवी की प्रतिमा बैठाई जाएगी।
महेशपुर गांव में हिंदुओं को पूजा करने के लिए एक भी मंदिर न होने की बात पर ग्राम प्रधान सहीदुन निशा ने कहा कि हमारा गांव हिन्दू तथा मुस्लिम बाहुल्य गांव है। यहां पर मुसलमानों को नवाज अदा करने के लिए एक मस्जिद है लेकिन हिंदुओं के लिए कोई मंदिर नहीं है। जिससे हिंदु पूजा नहीं कर पाते है। गांव में कोई मंदिर न होने पर मुस्लिम महिला ने अगुआई कर गांव के कुछ लोगों से हजारों रुपयें चंदे लेकर मंदिर बनाने का निर्णय लिया। जो पैसा घटा उसे अपने पास से लगाकर मंदिर बनवाना शुरू कर दिया। मंदिर मिर्जापुर रीवा राष्ट्रीय मार्ग के समीप महेशपुर तालाब से 100 मीटर की दूरी पर बनवाया जा रहा है। इस बात को लेकर वहां की हिन्दू जनता में खुशी का माहौल हैं। महेशपुर में हिन्दू तथा मुस्लिम बिरादरी के लोग बराबर की संख्या में निवास करते हैं। मुस्लिमों के लिए मस्जिद पहले से ही बनीं हुईं थी लेकिन हिन्दूओ के लिए कोई मंदिर न होने कि बात पर हिंदुओं को पूजा पाठ करने में परेशानी हो रही थी। महेश पुर की महिला प्रधान सहिदुल निशा तथा उनके पति निजामुद्दीन खॉन तथा पुत्र मोबीन श्रमिकों के साथ मंदिर बनवाने में लगे हुए हैं। इनका कहना हैं कि रातों दिन काम लगाकर दश दिन में पूर्ण कर दिया जायेगा तथा नवरात्र में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। प्रधान सहिदुल निशा का कहना हैं कि मंदिर के सहयोग में बढ़कउ बिंद, गुलाब,सुर्यमनी, साधू, रामपत्ती श्रमदान कर रहे हैं।