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अबतक 60 प्रतिशत व्यापारियों ने कराया अपना पंजीयन

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मिर्जापुर। जून माह के अंतिम दिन की आधी रात से जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक जनपद के 60 प्रतिशत व्यापारियों ने अपना रजिस्ट्रेशन विभाग में कराने के लिए आवेदन कर दिया है। अभी भी 40 प्रतिशत व्यापारियों ने पंजीकरण कराने के लिए आवेदन नहीं किया है। पंजीयन कराने की तेजी को देखते हुए लगता है कि जिले के व्यापारी नए कर प्रणाली को अपनाने के प्रति काफी जागरूक हैं। व्यापारियों के इस उत्साह को देख कर अधिकारी भी खुश हैं और उनका सहयोग करने में लगे हुए हैं।
देश भर में जीएसटी लागू होते ही व्यापारियों की नींद चौपट हो गई है। व्यापारी पंजीयन कराने के लिए परेशान हैं। जिसके चलत वाणिज्य कर विभाग में व्यापारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है, लेकिन जीएसटी के बारे में अधिक जानकारी नहीं होने के चलते व्यापारी अभी परेशान हो रहे हैं। बता दें कि जनपद में 20 लाख से ऊपर के व्यापार करने वाले छह हजार व्यापारी हैं। जिसमें कपड़ा, दवा, इलेक्ट्रानिक, मेटल, खान पान समेत अन्य शामिल हैं। इसमें से अब तक 36 सौ व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग में अपना पंजीकरण कराने के लिए आदेवन कर दिया है। जो निर्धारित संख्या का 60 प्रतिशत है। जिन व्यापारियों ने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है उनको छह महीने तक का समय दिया गया है। छह माह बाद भी वह विभाग में व्यापार करने के लिए पंजीयन नहीं कराते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएगा।
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किसी भी व्यापारी के मन में जीएसटी को लेकर किसी प्रकार की भ्रांतियां हैं तो विभाग ने नगर के तेलियागंज स्थित वाणिज्य कर कार्यालय में हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया है। जिनके नंबर 05442- 266772, 0522 -3312600, 2721153, 2721944, 01244688999 है। इन पर सुबह आठ से रात बजे तक लोग संपर्क कर अपनी समस्या से निजात पा सकते हैं। हेल्पलाइन पर डाटा माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन, स्टॉक पर आईटीसी इन वाइस के बारे में जानकारी दी जा रही है। जो मुक्त माल हो गया है इसके बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा अधिकारियों से भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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अस्टिटेंट कमिश्नर जेपी मौर्या ने बताया कि 20 लाख रुपये के ऊपर व्यापार करने वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत है इससे नीचे लोगों को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। इसके नीचे व्यापार करने वाले व्यापारी अपने नाम से सामान खरीदेे। 20 लाख रुपये से कम का व्यापार करने वाले लोगों से माल देते समय अगर कोई व्यापारी जीएसटी कोड देने के बाद ही माल देने की बात करता है तो उसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से कर सकते हैं, क्योंकि छोटे व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तो वह जीएसटी का कोड कहां से बताएंगे।
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