मिर्जापुर। एक बेरोजगार के खाते से 50 करोड़ रुपये का लेनदेन हो गया और उसे जानकारी तब हुई, जब इनकम टैक्स ने उसे नोटिस भेजा। दोस्त की नौकरी बचाने के लिए खुलवाए गए खाते से करोड़ों का लेनदेन हो गया। अब वह न्याय के लिए कोतवाली के चक्कर लगा रहा है। एसपी ने मामला दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के डंकीनगंज मोहल्ले में जयप्रकाश केसरी के नाम पर प्रयागराज जिले के बैंक में खुले खाते से तीन साल में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ। 2012 में खुले खाते की जानकारी जयप्रकाश को तब हुई, जब इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला। विभाग ने 11 करोड़ 54 लाख रुपये का रिटर्न दाखिल करने को कहा है।
जयप्रकाश ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि 2012 में बैंक में क्लर्क के पद पर नौकरी मिलने के बाद उसके एक मित्र ने बताया कि बैंक से खाता खुलवाने का लक्ष्य मिला है। दोस्त की नौकरी बचाने के लिए जयप्रकाश ने अपने आवश्यक कागजात उसे दे दिए। मित्र ने बताया कि उसके नाम से खाता खोलने की जरूरत नहीं पड़ी। इस बात को वह भूल गया। 17 मई को 11 करोड़ 44 लाख रुपये का रिटर्न दाखिल करने के लिए इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिलने के बाद प्रयागराज के एक्सिस बैंक में उसके नाम से खाता होने का पता चला। उसके नाम से वर्ष 2014 से लेकर 2016 तक तीन साल में 50 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन किया गया है। जयप्रकाश का यह भी आरोप है कि वह मिर्जापुर का निवासी है और खाते पर प्रयागराज का पता दर्ज कराया गया है। खाते पर गौर करें तो वर्ष 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 17 करोड़ 4 लाख 54 हजार 97 रुपये का टर्नओवर रहा। वर्ष 2015-16 में बढ़कर 21 करोड़ 76 लाख 30 हजार 229 रुपये पहुंच गया। वर्ष 2016-17 के मात्र आठ माह में 12 करोड़ 86 लाख 63 हजार 374 रुपये रहा। खाता फर्जी हस्ताक्षर से उसका बैंककर्मी मित्र ही चला रहा था।
बिहार में मैनेजर है मित्र
जय प्रकाश ने बताया कि मिर्जापुर बेलतर स्थित एक बैंक में उसका मित्र क्लर्क था। प्रयागराज जाने के बाद उसने मेरे आधार और पैन पर खाता खोला। उसमें अपना पता देने के साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया। अब वह व्यक्ति बिहार में राष्ट्रीयकृत बैंक में मैनेजर के पद पर कार्य कर रहा है। जयप्रकाश ने यह भी बताया कि कुछ दिनों पहले मिर्जापुर आने पर उसे जब दोस्तों ने घेरकर पूछताछ की तो वह 10-20 लाख लेकर टैक्स जमाकर शांत होने को कहने लगा। उसने कहा कि खाता उसके अकेले का नहीं इसमें बड़े बड़े लोग शामिल हैं। उनका नाम पूछने पर कहा कि नाम बताया तो जान को खतरा हो सकता है। जान जा सकती है।
करोड़ों के लेनदेन और फ्राड के मामले में भी पुलिस बनी असंवेदनशील
पीडि़त कटरा कोतवाली शिकायत लेकर गया तो पुलिस ने प्रयागराज का मामला बताकर उसे वापस लौटा दिया। कई दिनों तक चक्कर काटने के बाद वह एसपी अजय कुमार के पास पहुंचा, जहां जांचकर कार्रवाई का आश्वासन मिला। करोड़ों के हेरफेर के मामले में भी पुलिस असंवेदनशील बनी है और अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। कटरा कोतवाल स्वामीनाथ प्रसाद ने बताया कि एसपी कार्यालय में आए ज्ञापन के आधार पर जानकारी हुई है। यह प्रयागराज का मामला है। वहीं की पुलिस जांच करेगी।