मिर्जापुर। मिर्जापुर में गंगा नदी पर 1976 में बना पुल अब कमजोर हो चुका है। मरम्मत की दरकार है, फिर भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि तकनीकी विशेषज्ञों के चेतावनी के बाद भी इस पुल से रोजाना ओवरलोड ट्रकें, टेलर आदि हजारों वाहन गुजर रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन ने पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। गत छह सितंबर को नई दिल्ली से सीआरआरआई (सेंट्रल रोड रिसर्च इन्विस्टिगेशन) की उच्चस्तरीय टीम के अधिकारियों ने इसकी जांच की थी। दूसरा विकल्प न होने से इस पर यातायात जारी है।
जांच के बाद विशेषज्ञों ने पुल से भारी वाहनों के गुजरने पर खतरा होने का आशंका जताई थी तथा टीम ने इस पुल की क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए जापान से देश में लाई गई मशीन से जांच करने की संस्तुति की थी। इसी बात को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर शास्त्री पुल की तकनीकी जांच के लिए जापानी मशीन भेजने की मांग की थी। यह पुल पूूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर, भदोही, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बरेली, गोरखुपर सहित देश के बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रांत को जोड़ता है। इसी पुल से पूर्वांचल समेत, झारखंड, बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश, आदि प्रांतों के हजारों वाहन गुजरते हैं।
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नहीं चलने चाहिए ओवरलोड वाहन
दो साल पहले लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में तैनात अधिशासी अभियंता एसएन झा ने पुल की छह बेयरिंग खराब होने पर उस पर से आवागमन पर रोक लगा दिया था। महीनों चले मरम्मत कार्य के दौरान अधिशासी अभियंता ने बताया था कि भारी लोड के साथ हजारों वाहन प्रतिदिन गुजरने से पुल की बेयरिंग खराब हो जा रही है। इसलिए इस पर ओवरलोड वाहनों के चलने पर रोक लगनी चाहिए।
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पुल में गड़बड़ी की बात मानी
मरम्मत के बाद भी पुल में कमजोरी पाकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर इसकी जांच कराने की मांग की। अधिकारियों की मांग पर नई दिल्ली से सीआरआरआई (सेंट्रल रोड रिसर्च इन्विस्टिगेशन) की उच्चस्तरीय टीम के अधिकारी 6 सितंबर को आए और जांच की। सात सितंबर को भी जांच करने के बाद बताया कि पुल जर्जर हो चुका है। टीम में सीआरआरआई के बीईएस (ब्रिज इंजीनियरिंग सेक्शन) के विभागाध्यक्ष जी के साहू तथा सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट एस एस गहरवार ने बताया था कि पुल में कुछ गड़बड़ी जरूर है। इसलिए इसकी जांच जापानी मशीन से कराई जाएगी। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि पुल की क्या स्थिति है और इस पर से अब कितने भार का वाहन गुजर सकता है।
वर्जन
पुल निश्चित ही कमजोर हो गया है। इसकी जांच टीम द्वारा की जा चुकी है। उसकी रिपोर्ट टीम ने केंद्र और राज्य सरकार को सौंप दी है। अब जापानी मशीन द्वारा जांच के बाद ही पता चलेगा कि पुल की क्या स्थिति है। फिलहाल सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
रमेश कुमार
अधिशासी अभियंता
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग