मिर्जापुर। वर्षों से अधर में लटकी बाण सागर परियोजना का कार्य मार्च में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। परियोजना के अधीक्षण अभियंता ने मार्च तक परियोजना पूरी करने और फरवरी से मेजा बांध में पानी छोड़ने का दावा किया है। इसके चालू होने के बाद जिले के पचास हजार किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। इस परियोजना पर अबतक 3200 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्य समय से पूरा नहीं हो पाया।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए बाण सागर परियोजना को मंजूरी मिली थी। परियोजना की नहर मध्य प्रदेश के सहडोल से निकलकर यूपी के हलिया, लालगंज, इलाहाबाद, मेजा, जरगो, चुनार होते हुए बिहार को जा रही है। इस परियोजना का निर्माण 1978 में शुरू किया गया था। उस समय इसकी लागत 1756 करोड़ रुपये निर्धारित थी। इसमें उत्तर प्रदेश में 71 किलोमीटर नहर का निर्माण होना है। नहर निर्माण के लिए तीन कंपनियां आ चुकी हैं लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया। बीच-बीच में अड़चन आती रही। वन विभाग के सेंचुरी क्षेत्र नहर खोदाई की अनुमति नहीं मिलने के कारण करीब पांच वर्ष तक नहर का निर्माण कार्य लटका रहा। सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नहर का निर्माण फिर शुरू किया गया लेकिन संबंधित अधिकारियों की उदासीनता और मानक के अनुरूप नहर का निर्माण नहीं करने के कारण धीरे-धीरे इसकी लागत बढ़ती गई और 3200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सपा सरकार में तत्कालीन सिंचाई मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने निरीक्षण के दौरान इस परियोजना के तहत नहर निर्माण में लापरवाही पाई थी और दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी नहर निर्माण में तेजी नहीं आई। बाण सागर परियोजना के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश में 80 प्रतिशत तक नहर का निर्माण पूरा करने और मार्च 2018 में इसे चालू करने का दावा किया है।
बाणसागर नहर से उत्तर प्रदेश के डेढ़ लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होनी है। वर्तमान समय में हलिया के अदवा बैराज बांध तक पानी पहुंचा है। इसके आगे अभी तक पानी नहीं पहुंच पाया है। इससे हलिया और इलाहाबाद के कोरावं क्षेत्र के लगभग पांच हजार हेक्टेयर खेतों की ही सिंचाई हो रही है। नहर का निर्माण पूरा होने के बाद जिले के लगभग 50 हजार किसानों की सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और सिंचाई का संकट समाप्त हो जाएगा।
बाण सागर परियोजना के अधीक्षण अभियंता केेशरी तिवारी बाण सागर परियोजना का कार्य मार्च 2018 तक पूरा हो जाएगा। मेजा बांध में फरवरी से पानी आने लगेगा। प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित तिथि से पहले ही निर्माण कार्य पूरा हो जाए।