ड्रमंडगंज। छुट्टा पशुओं के आतंक के चलते क्षेत्र के खेतों की खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। लोगों की मेहनत की कमाई से सींचे गए फसल को पशु एक पल में बर्बाद कर रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान रात में जाग कर फसलों की रखवाली करने को विवश हैं। उन्होंने प्रशासन से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
हलिया विकास खंड के 212 राजस्व गांवों में पहाड़ी एवं असिंचित हैं। अति पिछड़े कोरावल समेत लगभग 150 गांवों के किसान ज्वार, मक्का, उड़द तिल, मूंग, कोदव, सांवा, अरहर आदि की खेती करते हैं। इलाके में छुट्टा पशुओं की संख्या अचानक बढ़ गई है। वे फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि नहर के समीप लोग झुंड के झुंड पहाड़ी गांवों में पशुओं को छोड़ कर चले जा रहे हैं। किसान रातोंदिन फसल कि रखवाली के लिये अपने खेतों में डेरा डाल लिया है। इसके बावजूद भी छुट्टा पशुओं का झुंड फसल को नष्ट कर देते हैं। लाचार किसान ऐसी दशा में अपनी खाद व बीज के लिये महंगे पड़ जाएंगे। ऐसी दशा में जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत स्तर पर पशु हाता बनवाने कि मांग की गई। गांव राजपुर, सोनगढा, भैसोड़, बलाय , पहाड़ , बबूरा , मड़वा, पंवारी खुर्द, बैधा, मतवार, कुशियरा, गजरीया, मुड़पेली, परसीया , सिलहटा, हर्रा, बरुआ, आदि गांवों के किसान माधोलाल , शिवप्रताप सिंह ,नरेंद्र बहादुर सिंह ,संतोष कुमार दुबे ,प्रशांत कुमार ,शंकरलाल ,रामाप्रसाद , विश्वानाथ ,आदि का कहना है कि छुट्टा पशुओं के चरने की वजह से बोई फसल बर्बाद हो गई।