मिर्जापुर। गंगा में डूब रही पत्नी व भांजी को गोद में उठा कर लगभग सौ मीटर तक तैरते हुए स्टीमर पर बैठाते ही बरैनी निवासी कृष्ण मुुरारी की सांस टूट गई और वह पानी में समा गया। स्टीमर पर बैठने के बाद पत्नी ने जब नाविकों से पति को भी उठा कर बैठाने को कहा तो नाविक उसे खोजने लगे। नहीं दिखने पर प्रीती से बताया कि कृष्ण गायब है और लगता है डूब गया है। पति के डूबने की खबर सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और बिलखने लगी।
बरैनी गांव निवासी कृष्ण मुरारी काफी होनहार लड़का था। वह अहमदाबाद के एक रेस्टोरेंट में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पांच महीने पहले ही 20 फरवरी 2017 को उसकी शादी हुई थी। पत्नी प्रीती के साथ एक महीने तक रहने के बाद अहमदाबाद चला गया था। घर वालों ने आरपार माला की मन्नत पूरा करने के लिए उसे बुलाया था। कहा था कि अभी यह मन्नत पूरी नहीं होगी तो फिर अगले साल पूरा होगा क्योंकि अगले कुछ दिनों में बारिश शुरू हो जाएगी और गंगा में पानी बढ़ जाएगा। परिजनों के बुलाने पर शनिवार की शाम को वह आरपार माला की रस्म अदा कराने के लिए घर आया था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस रस्म को पूरा कराने के लिए घर आ रहा है वहीं रस्म उसकी काल बनकर आएगी। सोमवार की दोपहर जब नाव पलटने के बाद सभी को डूबते देखा तो हैरान हो गया। तत्काल अपनी जान की परवाह किए बगैर पहले दो वर्षीय भांजी नंदिनी के पास पहुंचा और उसे हाथ में उठाकर कूछ दूर पर डूब रही पत्नी प्रीती के पास पहुंचा। प्रीती की बांह पकड़ कर उठाते हुए भांजी को उसके गोद में दे दिया। दोनों को लेकर तैरते हुए बाहर आने लगा लेकिन उसके सफर में उसके कपड़े बाधक बन रहे थे। सफारी सूट पहनने के कारण कृष्ण मुुरारी को तैरने में काफी परेशनी हो रही थी फिर भी लेकिन वह किसी तरह उनको बचाने आ रहे एक स्टीमर तक पहुंच गया और जैसे ही नाविकों को स्टीमर में बैठाने के लिए पकड़ाया वैसै ही उसकी सांस टूट गई और वह पानी में समा गया। जब नाविक स्टीमर लेकर आगे बढ़ने लगे तो प्रीती ने नाविकों से कहा किक वह कृष्ण मुरारी को भी नाव में बैठा ले इस पर नाविकों ने कहा कि वह दिखाईर नहीं दे रहा है लगता है डूब गया है। यह सुनते ही वह बिलख पड़ी।
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जौसरा घाट पर सभी को डूबते देख घाट पर काम कर रहे मजदूर घाट पर खड़ी कुछ अन्य नाव लेकर वहां पहुंचे और सभी को बचाने में जुट गए। वहीं नाव पर सवार एक नाविक राजेंद्र लोगों को बचाने में जुटा था लेकिन उसके साथ मौजूद सभी नाविक फरार हो गए। कृष्ण मुरारी ने साहस दिखाते हुए अपनी दोनों भांजियों मीठी व नंदनी को बचाकर दूसरी नाव ले जाकर बैठाया। इसके बाद पत्नी को बचाने के लिए पहुंचा। पत्नी को भी उठाकर कुछ दूर तक ले आया और स्टीमर में बैठाया। इसके बाद सांस टूटने के कारण डूब गया। लोगों नेकहा कि अगरज तीन नाऱ्विक भागते नहीं तो कृष्ण मुुरारी व उसकी ममेरी बहन प्रीती को बचाया जा सकता था।
नाव हादसे में डूबे एक युवती के शव बरामद कर लिया गया है। युवक को तलाश करने के लिए गोताखोरों को लगाया गया है। जाल डलवाकर शव की तलाश कराई जा रही है। उसे भी बरामद कर लिया जाएगा।-बृजेश तिवारी क्षेत्राधिकारी सदर