मिर्जापुर। जनपद न्यायाधीश लालचंद गुप्ता ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला कारागार में बंदियों की संख्या बढ़ने पर सात वर्ष तक के सजा वाले बंदियों को 60 दिन के अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने का विवरण प्रभारी जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा से मांगा। प्रभारी जेल अधीक्षक ने बुधवार को चार बंदियों की सूची का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद जनपद न्यायाधीश ने विशेष अदालत गठित कर रिहा किए जाने का प्रशासनिक आदेश पारित किया। सिविल जज मनोज कुमार ने बताया कि कोविड महामारी को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की हाई पावर कमेटी ने सात वर्ष से कम सजा वाले विचाराधीन बंदियों को रिहा करने का आदेश पारित किया था। जनपद न्यायाधीश लालचंद गुप्ता ने विशेष अदालत गठित किया। मंगलवार को न्यायालय अपर सिविल जज प्रिया सिंह और बुधवार को अपर सिविल जज रत्नम श्रीवास्तव को बंदियों के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए निर्देश दिया गया। इसके बाद चार बंदियों को 60 दिन के अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। जिला कारागार में प्रतिदिन उपस्थित होकर लघु आपराधिक मामलों में निरुद्ध अभियुक्तों की सूची तैयार किए जाने के लिए डिप्टी जेलर सुुभाष यादव व प्रोटोकाल अधिकारी दीपक श्रीवास्तव, रिटेनर अशोक कुमार यादव को नामित किया गया है।