मिर्जापुर। नगर में इन दिनों जबरदस्त ईंधन गैस का संकट है। एक- एक माह की बुकिंग के बाद भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। केंद्र सरकार का डिजिटल इंडिया का नारा केंद्र सरकार की एजेंसियों ने ही फेल कर दिया है। आनलाइन बुकिंग के बाद भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन भी एकदम निष्क्रिय बना हुआ है।
केस एक: घंटाघर निवासी रामबरन ने 25 जनवरी को आनलाइन गैस की बुकिंग कराई। वहां से मैसेज आया कि एक सप्ताह के अंदर गैस की डिलीवरी मिल जाएगी। रसीद की ऑनलाइन कॉपी भी मैसेज के जरिए आ गई लेकिन गैस का सिलेंडर रामबरन को आजतक नहीं मिल सका। जब रामबरन ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करानी चाही तो बात ही पूरी नहीं हो सकी। रामबरन का कनेक्शन जंगीरोड स्थित एक एजेंसी में है।
केस दो: रानीबाग निवासी कंचनलता ने 20 जनवरी को शुक्लहा में जाकर काउंटर पर पर्ची कटाकर बुकिंग कराई। लेकिन आज तक उनको भी गैस नहीं मिली। सरकार केरोसिन तक दे नहीं रही है। किस प्रकार महिलाएं खाना बनाती होंगा, समझा जा सकता है।
नगर क्षेत्र में ही आधा दर्जन एजेंसियां संचालित हैं। इनमें से कुछ के पास तो 50 हजार कनेक्शन तक हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस समय लगभग चार लाख से अधिक कनेक्शन ईंधन गैस के हैं। इनमें अकेले एक लाख 66 हजार कनेक्शन तो केवल उज्ज्वला योजना के ही हैं। एजेंसी संचालक शिकायत करने पर कहते हैं कि कुंभ मेला के चलते गाड़ी ही नहीं आ रही है। गैस कहां से दें। वहीं उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालक गैस सिलेंडर की कालाबाजारी कर रहे हैं। गाड़ियां आ रही हैं और नगर में उनका वितरण भी हो रहा है लेकिन जो लोग महीनों से इंतजार कर रहे हैं उनको आज तक सिलेंडर नहीं मिल सका है।
कुंभ मेला के चलते झूंसी में जहां बाटलिंग प्लांट है, वहां से बड़े स्नान के समय भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाता है। इसलिए कुछ परेशानी हो रही है लेकिन अब गाड़ियां आ रही हैं। शीघ्र ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
- उमेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, मिर्जापुर।
बोली महिलाएं
गृहिणी शारदा देवी ने कहा कि कई महीनों से गैस नहीं मिल रही है। खाना बनाने की परेशानी हो रही है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। एजेंसी जाने पर भी गैस नहीं मिल रही है। कैसे गृहस्थी चलेगी।
गृहिणी सुशीला चौरसिया ने बताया कि उज्ज्वला में सिलेंडर तो सरकार ने दे दिया लेकिन गैस क्यों नहीं दे रही है। कुंभ मेला तो कई बार आया लेकिन ऐसी परेशानी कभी नहीं हुई। शादी- ब्याह का सीजन है। सरकार कुछ तो करे।
गृहिणी शकीला बानो ने कहा कि एक महीना हो गया, दौड़ते लेकिन गैस नहीं मिली। कई बार एजेंसी के यहां गए लेकिन गैस नहीं मिली। अधिकारी कोई बात सुनते ही नहीं। किससे शिकायत करें।
शहर कांग्रेस कमेटी महासचिव अर्चना चौबे ने कहा कि इस संबंध में कई बार एजेंसी संचालकों से कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा नहीं है कि गैस नहीं आ रही है, गैस आ रही है लेकिन पहुंच वालों को ही मिल रही है।
गृहिणी अकीना ने बताया कि अब त्यौहार का अवसर आ रहा है। शादी- विवाह का सीजन तो चल ही रहा है। कैसे गरीब आदमी अपना काम चलाए। लकड़ी बंद हो गई, मिट्टी का तेल बंद हो गया और अब गैस भी नहीं मिल रही है।