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तीन से दस घंटे की विलंब से चल रही ट्रेने

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मिर्जापुर। कोहरे की धुंध नहीं होने के बावजूद मंगलवार को लंबी दूरी की ट्रेनें तीन से दस घंटे की विलंब से चलीं। ट्रेनों के घंटों लेट होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वह ठंड के मौसम में प्लेटफार्म पर ठिठुरने को मजबूर हैं। फिर भी समय से ट्रेन नहीं पहुंच रही है। वहीं रोडवेज बस के संचालन में भी देरी हो रही है। बसे तीन घंटे की दूरी को चार से पांच घंटे में तय कर रही है। परिचालन में बरती जा रही लापरवाही को देखकर यात्रियों में आक्रोश है। बता दें कि ट्रेनों की लेट लतीफी से हर यात्री परेशान है। गर्मी का मौसम हो या फिर सर्दी का मौसम हर समय ट्रेने विलंब से चलती है। समय से अपनी मंजिल तक पहुंचना इनके रूल में ही नहीं है। जिसको लेकर यात्री परेशान हो चुके है। मंगलवार को दिल्ली से डिब्रूगढ़ जाने वाली बह्मपुत्रा मेल 10 घंटे विलंब से चल रही थी। जोधपुर हावड़ा छह घंटे, कालका मेल तीन घंटे, नंदन कानन चार घंटे, ताप्तीगंगा तीन घंटे्र मगध आठ घंटे, गुवाहाटी कुर्ला छह घंटे, महानगरी दो घंटे, चंबल तीन घंटे, संघमित्रा पांच घंटे, देरी से चल रही थी। इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री मिर्जापुर एवं विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर अपनी अपनी ट्रेन का इंतजार करते नजर आए। इसी प्रकार रोडवेज की बसे भी देरी से चल रही है। इलाहाबाद से मिर्जापुर तक का सफर तीन घंटे की बजाय पांच घंटे में तय कर रही है। इसी प्रकार बनारस से मिर्जापुर आने में डेढ़ से दो घंटे की बजाय तीन घंटे में बसे पहुंच रही है। इस संबंध में पूछने पर रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि मिर्जापुर इलाहाबाद रोड काफी खराब है। वहीं बनारस में भी सड़क निर्माण चल रहा है जिसके चलते बसे थोड़ी बहुत विलंब हो रही है।
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