मिर्जापुर। हुई बारिश के चलते तेज धूप के चलते झुलस रही धान की नर्सरियों जान आ गई। बािरश देख किसानों के चहरे खुशी से चमक उठे। हालांकि बारिश इतना भी नहीं हुआ कि खेतो में पानी लग जाए। बतातें चले जुलाई के पन्द्रह दिन व्यतीत बीतने के करीब बुधवार की शाम जहां जनपद के अधिकांश हिस्सों में कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुआ वही दूसरे दिन गुरूवार को भी हुई बारिश से मुरझा रही धान की नर्सरियों में जैसे जान ही आ गई। जनपद के कुछ इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे डाले गए अधिकांश धान की नर्सरियां रोपाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। किसानों का मानना है कि यदि कुछ देर के लिए भगवान की कृपा हो जाए तो शायद नर्सरियाें की रोपाई प्रारंभ किया जा सके। कुछ किसानों का मनाना है कि भगवान इन्द्र की कृपा से भले ही मुरझाई नर्सरियों में जान आ गई पर जरूरत तो खेतों मे लगे पानी की है। यदि अपेक्षित बारिस न हुई तो नर्सरियां ही तैयार होकर क्या करेंगी।