मिर्जापुर। एक साल और बीता लेकिन परिषदीय विद्यालयों की हालत जस की तस है। बीते साल पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के बहुत से सरकारी स्कूलों में पेयजल का इंतजाम नहीं है। हैंडपंप तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं निकल रहा है। इससे बच्चों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। नगरपालिका क्षेत्र के पांच स्कूलों में जगह के अभाव में शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है, जिसके चलते बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विकास खंड पटेहरा कला के प्राथमिक विद्यालय देवरीकला, छोटा हंसरा, अमोई, खचहां, करौंदा, पटेहरा कला, गजरिया, गढ़वा पिपराव, सोनोहा, शेरूआं, शितलगढ़, कुसमहा, कलवारी खुर्द, बेदौली, रैकरा आदि स्कूलों में हैंडपंपों ने जलस्तर नीचे चले जाने के कारण पानी देना छोड़ दिया है। इसके चलते इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अहरौरा संवाददाता के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय रामपुर डबही प्रथम, नवीन प्राथमिक पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला जसवा, लतीफपुर, खासडीह, सिउर, मउली में लगे हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। वहीं, अहरौरा क्षेत्र के स्कूलों में शौचालय महज डिब्बा बनकर रह गया है। पानी की टंकी के अभाव में बच्चे इसका उपयोग नहीं करते हैं। जबकि खासडीह में शौचालय बना ही नहीं है। स्माइल पिंकी प्राथमिक विद्यालय रामपुर डबही द्वितीय में पढ़ती है, वहां पर शौचालय तो बन गया है, लेकिन आज तक दरवाजा और पानी की टंकी का प्रबंध किया गया है। इसके चलते स्वच्छता मिशन की धज्जियां उड़ रही है। राजगढ़ संवाददाता के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय कुडी पहडी, राजगढ़ द्वितीय, करौदा द्वितीय, चंदनपुर, खटखरिया, बैरमपुर, बिजुरही आदि स्कूलों में लगे हैंडपंपों ने जवाब दे दिया। छानबे संवाददाता के अनुसार, कई परिषदीय स्कूलों में बने शौचालयों की समुचित साफ-सफाई नहीं होती है। साथ ही बरहा खुर्द, चेहरा, सुपंथा, परवा, बौडई, कामापुर आदि कई विद्यालयों में पानी की टंकी न होने के कारण पानी के अभाव में बच्चे शौचालय का उपयोग नहीं करते हैं।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि सभी स्कूलों में पेयजल और शौचालय आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। जिन स्कूलों में हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया, उनको रिबोर करने की मांग जल निगम से की गई है।