मिर्जापुर। मकर संक्रांति के पर्व पर गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। पंचांग के अनुसार इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा लेकिन बड़ी संख्या में लोग 18 जनवरी को रविवार के दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में रविवार को भी स्नानार्थियों की भीड़ जुटेगी लेकिन अबतक तक न तो गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। नगर पालिका प्रशासन सफाई व्यवस्था में लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर नारघाट, बरियाघाट, कचहरीघाट, सुंदर घाट, बाबाघाट समेत दस घाटों पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।
मकर संक्रांति पर स्नानार्थियों की सुविधा के लिए घाटों की सीढ़ियों की सफाई की जा रही है। हालांकि जिन घाटों पर लोग स्नान करते हैं, वहां कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। वहीं स्नान के दौरान कोई गहरे पानी में न चला जाए, इसके लिए गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग की जाती है लेकिन अभी तक बैरिकेडिंग नहीं किया गया है। घाटों पर सीसीटीवी कैमरे भी नही लगवाए गए हैं। पर्व के मद्देनजर घाटों पर प्रकाश के लिए खराब बल्बों को बदलवा कर नए बल्ब लगवाए गए हैं। सभी घाटों पर वस्त्र बदलने के स्थान को दुरुस्त करा दिया गया है। भीषण ठंड को देखते हुए स्नान वाले घाटों पर अलाव के लिए लकड़ी का बंदोबस्त भी किया गया है। बाबा घाट पर पांच दिनों से घाट की सफाई के लिए मशीन रखी गई है लेकिन सफाई शुरू नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी ओर मकरसंक्राति को देखते हुए पतंगबाजी के शौकीनों ने एक दिन पूर्व पतंगों और डोर की खूब खरीददारी की। पतंग की दुकानों पर दिन भर बच्चों और युवाओं की भीड़ लगी रही। पतंग उड़ाने की चाह लिए लोगों ने तेज धार वाले मंझों की खूब खरीददारी की।
मकर संक्रांति पर्व पर शनिवार को नगर के बाजारों में तिलगुड़, लाई, ढूंढा आदि की बिक्री शनिवार को खूब हुई। खिचड़ी के उपलक्ष्य में ओलियर घाट, रामबाग, संगमोहाल, मुकेरी बाजार आदि इलाकों में लाई, चिवड़ा, ढूंढा, लाइपट्टी, बादाम पट्टी, तिल पट्टी आदि की दुकानों से देर रात्रि तक लोगों ने खरीदारी की। वहीं गंगा घाटों पर दूर दराज से आए दान पुण्य लेने वाले भी अपना स्थान सुरक्षित कर बैठ गए हैं।
गांव-गरीब नेटवर्क ने मकर-संक्रांति एवं मौनी अमावस्या पर नगर के समस्त गंगा घाटों पर पर्याप्त संख्या में अलाव जलाने की मांग की है। शनिवार को हुई नेटवर्क की बैठक में कहा गया कि यद्यपि मकर संक्रांति की वास्तविक तिथि 15 जनवरी है लेकिन परंपरागत रूप से 14 जनवरी की मान्यता के कारण इस दिन भी लोग स्नान व दान करेंगे। मौनी अमावस्या 16 जनवरी को है लेकिन 17 जनवरी को भी अमावस्या तिथि है, इसलिए दोनों दिन घाटों पर अलाव जलाए जाएं। बैठक में सलिल पांडेय, वृजेश जायसवाल, साकेत पांडेय, विनय यादव, शशांक सिंह, आयूष सिंह आदि उपस्थित रहे।