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अधिकांश क्रशर प्लांट मानक के अनुरूप नहीं

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मिर्जापुर। खनिज व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनदेखी के चलते क्रशर संचालक प्रकृति के सौंदर्य को नष्ट करने पर तुले हुए हैं। बोर्ड द्वारा बगैर सीमांकन व चहारदीवारी के ही क्रशर प्लांटों को अनापत्ति प्रमाण जारी कर दिया है।
क्रशर प्लांट के संचालन के लिए छह मानकों को पूरा करना जरूरी है। क्रशर प्लांट मालिक के पास कम से कम लगभग चार बीघा जमीन होनी चाहिए। प्लांट की जमीन के चारों तरफ आठ फीट ऊंची की चहारदीवारी होनी चाहिए। चारों ओर हरति पट्टिका होनी चाहिए ताकि प्लांट से उड़ रही धूल बाहर न जाने पाए। इसके अलावा कार्य के दौरान पानी का फुहारा भी देना होता है ताकि धूल न उड़े। इसके साथ ही खनिज विभाग के भंडारण की अनुमति पत्र होना चाहिए। पत्थर आयात और निर्यात के लिए लीज से अनुबंध होना चाहिए। इसके बाद क्रशर प्लांट संचालन का मानक पूरा होता है, लेकिन ऐसा अधिकांश क्रशर प्लांटों नहीं किया है। फिर भी उनको खनिज विभाग तथा भंडारण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है, जबकि सही मायने में प्लांटों की जांच की जाए तो वर्तमान समय में जिले भर में कुछ को छोड़ कर अधिकांश क्रशर प्लांट अवैध तरीके से चल रहे हैं। क्रशर प्लांटों से उड़ रहे धूल से क्षेत्रीय जनता परेशान हो चुकी है। राहगीरों की कौन कहे अगल बगल गांव के ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों ने जनपद के डगमगपुर, अहरौरा, मड़िहान आदि स्थानों पर उड़ रहे धूल से आजीज आकर धरना प्रदर्शन कर करते हुए चक्का जाम भी किया है। फिर भी प्रशासन ऐसे क्रशर प्लांटों को बंद करने की जहमत नहीं उठा रहा है।
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जिलाधिकारी ने तब बंद करा दिया था प्लांट
मिर्जापुर पूर्व जिलाधिकारी गोविंद राजू ने मानको की अनदेखी की शिकायत पर जिले में अवैध क्रशर प्लांटों को बंद करा दिया था। बाद में खनन माफिया शासन तक पहुंच लगा कर जिलाधिकारी पर दबाव बनवाते हुए दोबारा क्रशर प्लांट चलवाने लगे। पड़री, अहरौरा व मड़िहान के ग्रामीणों का कहना है कि अवैध तरीके से हो रहे खनन एवं क्रशर प्लांट में खनिज एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों मिलीभगत से सारा काम हो रहा है। शासन तक शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
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अवैध तरीके से चलने वाले क्रशर प्लांट किसी भी दशा में चलने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीण ऐसे क्रशर प्लांटों की सूची बना कर मुझे देते हैं तो उनकी जांच करा कर प्लांटों को बंद कराया जाएगा। जहां तक अवैध खनन की बात है तो कोई भी मुझे सूचना दे सकता है। तत्काल छापेेमारी करा कर कार्रवाई कराई जाएगी। -मुरली मनोहर लाल, आयुक्त विंध्याचल मंडल
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