मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय इन दिनों डायरिया, बुखार आदि बीमारी की चपेट में आए मरीजों से पट गया है। हालत यह हो गई है कि मरीजों को भर्ती करने के लिए चिकित्सालय में बेड नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सक भर्ती कुछ मरीजों की हालत सुधार होने पर उनको छुट्टी देते हुए दूसरे मरीज को भर्ती करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल होने के चलते दूसरे जिलों के मरीज भी यहां आ रहे हैं जिसके चलते बेड की किल्लत बढ़ी हुई है।
उमस भरी गर्मी के चलते जिले भर में इन दिनों लोग सर्दी जुखाम, बुखार, पेट दर्द, मलेरिया, डायरिया, आदि बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों के लोग बीमारी की जद में आ रहे हैं। बीमारी की चपेट में आ रहे मरीज सीएचसी पीएचसी में इलाज कराने जा रहे तो चिकित्सकों के रात में नहीं ठहरने के कारण उनको भर्ती नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात फार्मासिस्ट या अन्य कर्मचारी मरीज को तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर कर दे रहे हैं। जिसके चलते जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या में आए दिन इफाजा हो रहा है। मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के चलते 155 बेडों वाला मंडलीय चिकित्सालय भर गया है। इसके अलावा लगभग 15 सौ महिला पुुरुषों के प्रतिदिन चिकित्सालय के ओपीडी में पहुंचने से चिकित्सक भी उनका इलाज करते करते परेशान हो जा रहे हैं। एक एक चिकित्सक 40 की जगह सौ सौ मरीज को देखने को विवश है। ओपीडी के बाहर गलियारे में सैकड़ों मरीज बैठे रहते हैँ लेकिन यहां पंखा नहीं लगे हैं। इससे मरीजों को पसीने से तर बतर होना पड़ रहा है।
मौसम में बदलाव के चलते मरीजों की संख्या में बढोत्तरी हो रही है। सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों के बेहतर इलाज में लगे हुए हैं।-डा. कामक्षा पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय चिकित्सालय