मिर्जापुर। ग्राम रोजगार सेवकों पंचायत मित्र संघ के तत्वावधान में सोमवार को रोजगार सेवकों ने ध्यान आकर्षण रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रोजगार सेवकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्रक भेेजा और रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और प्रधानों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को बंद करने की मांग किया।
कृष्ण मुरारी यादव ने कहा कि विगत दस वर्षों से अल्प मानदेय पर रोजगार सेवक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ग्राम रोजगार सेवकों को पूर्ण कालिककर्मी माना है। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक न्यनूतम 18 हजार कंटिजेंसी मुक्त मानदेय की व्यवस्था की जाए। ग्राम पंचायतों में होने वाले ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत कोटा दिया जाए। ग्राम रोजगार सेवकों के जाब चार्ट में मनरेगा के अतिरिक्त मल्टी पर्पज वर्कर के रुप में काम लिया जाए। साथ ही खंड विकास अधिकारी कार्यालय के अधीन किया जाए। सर्वेश कुमार दूबे ने कहा कि नगर पंचायतों में विलीन हो चुकी ग्राम पंचायतों के पूर्व में तैनात ग्राम रोजगार सेवकों को नव सृजित ग्राम पंचायतों में समायोजित करते हुए स्थानांतरित किया जाए। चंद्रेश प्रसाद ने कहा कि समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर 29 जून को लखनऊ के लक्ष्मण झूला पार्क में धरना प्रदर्शन, आमरण अनशन करेंगे। इस दौरान विनोद कुमार यादव, अनोज कुमारी, शशिकला, राधेश्याम, अमीरचंद्र, राम प्रकाश, बृजराज, राजेश कुमार, संजय, शिवपूजन आदि मौजूद रहे।