लालगंज। उच्च न्यायालय ने लालगंज तहसील के हलिया विकास खंड में निजी भवन में चल रहे दो चकबंदी कार्यालयों के खिलाफ हुई रिट पर सुनवाई करते हुए एसओसी मिर्जापुर पर 50 हजार जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों कार्यालय सरकारी भवन में संचालित करने का आदेश दिया है। आदेश की प्रति मिलते ही चकबंदी विभाग में खलबली मच गई।
हलिया विकास खंड के दो सर्किलों की चकबंदी न्यायालय का संचालन वर्ष 2015-16 से किया जा रहा है। दोनों न्यायालय निजी भवन में संचालित हैं, लेकिन भवन के किराए का भुगतान नहीं किया गया। इससे मकान मालिक परेशान हो चुके थे। वे बार-बार अधिकारियों से भुगतान करने की मांग करते रहे, लेकिन अगले महीने कह कर टरकाया जाता रहा। भवन स्वामी भुगतान की प्रतीक्षा करते रहे और साल दर साल गुजरता रहा। चकबंदी अधिकारी बदलते रहे। अंत में परेशान होकर मकान मालिकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।। याचिकाकर्ता रतेह निवासी मेघनाद चौरसिया की रिट की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने एसओसी मिर्जापुर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए किराए के भुगतान का आदेश दिया। हाईकोर्ट का आदेश मिलते ही चकबंदी विभाग में खलबली मच गई। आदेश में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि दोनों चकबंदी न्यायालय सरकारी भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएं। इस संबंध में एसओसी चकबंदी धनराज ने कहा कि उस समय के बारे में ठीक से जानकारी नहीं है, लेकिन हाईकोर्ट ने एसओसी चकबंदी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जिसकी सूचना चकबंदी आयुक्त को दी जा चुकी है। उन्होंने चकबंदी न्यायालय के स्थानांतरण के संबंध में बताया कि सरकारी भवन मिलने पर दोनों न्यायालय स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। जब तक सरकारी भवन नहीं मिल रहा है, तब तक वे उसी भवन में संचालित हैं।