मिर्जापुर। अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट पीएन श्रीवास्तव ने किशोरी के साथ बलात्कार करने में एक आरोपी को मंगलवार को सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड लगाते हुए जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के निवासी एवं वादी मुकदमा ने चार अक्तूबर को थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि चार अक्तूबर 17 की शाम को 15 वर्षीय बेटी शौच के लिए गई थी। इसी दौरान क्षेत्र के एक गांव निवासी राजन बिंद समेत तीन लोग उसका मुंह दबाकर उठा ले गए। खोजबीन में उसका पता नहीं चला। दुष्कर्म के बाद लगभग दो बजे रात आरोपी लड़की को उसके घर के पास छोड़कर भाग निकले। घर में पहुंचने पर पुत्री ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया। जिसके बाद तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्घ धारा 376, 504 भादसं एवं धारा चार लैंगिक अपराधों से बालकों को संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराने के साथ उसका मेडिकल कराकर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी सुनवाई न्यायालय द्वारा मंगलवार को की गई। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता ने पांच गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी राजन बिंद को धारा 376 व धारा पाक्सो एक्ट दोष सिद्ध पाते हुए सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा दी। इसके साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। न्यायालय ने सह अभियुक्त शिवशंकर व इंद्र कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।