मिर्जापुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित यूपी बोर्ड की परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को परीक्षा में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के सवालों का जवाब देने में पसीने छूटेंगे। जिले के राजकीय इंटर कालेजों में इन विषयों के शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कठिन विषयों के कोर्स भी पूरे नहीं हो पाए हैं। जिले के राजकीय इंटर कालेजों में शिक्षकों के स्वीकृत 534 पदों में 393 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य माध्यमिक विद्यालयों के 37 शिक्षक 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन स्कूलों में अगले सत्र से संकट पैदा होगा।
जिले के माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहे हैं। कई विद्यालयों में शिक्षकों की सेवानिवृत्त के बाद और समस्या पैदा होगी और पठन पाठन प्रभावित होगा। माध्यमिक शिक्षा आयोग की धीमी चयन प्रक्रिया से इस वर्ष भी शिक्षक मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सबसे खराब स्थिति राजकीय इंटर कालेजों की है। राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य के स्वीकृत 62 पदों में 42 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं प्रवक्ता के 64 पदों में 33, सहायक अध्यापक के 408 में 318 पद रिक्त चल रहे हैं। इस समय 60 माध्यमिक विद्यालयों में 20 प्रधानाचार्य, 31 प्रवक्ता और 90 सहायक अध्यापक पठन पाठन करा रहे हैं। कोर्स पूरा नहीं होने के कारण विद्यार्थी कोचिंग का सहारा ले रहे हैं। हालांकि आधी अधूरी तैयारियों के बीच विद्यालयों ने विज्ञान सहित अन्य विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न करा ली हैं। वहीं नवीन राजकीय विद्यालयों में तो महज एक या दो शिक्षकों की तैनाती है जिनके कंधे पर पठन पाठन से लेकर कार्यालयी कार्य तक की जिम्मेदारी है। राजकीय इंटर कालेज मिर्जापुर के उप प्रधानाचार्य महेंद्र सोनकर ने बताया कि कार्यालय के काम के अलावा वह अंग्रेजी पढ़ाते हैं। शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कछवां नगर पंचायत के पांडेयपुर वार्ड स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। पढ़ाई न होने और कोर्स पूरा नहीं होने के कारण छात्राएं कोचिंग सेंटरों का सहारा ले रही हैं। कन्या विद्यालय में ढाई हजार से अधिक छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ चार शिक्षकों पर है। यहां नौ शिक्षकों के पद सृजित हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ तीन की है। हिंदी, इतिहास, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद वर्षों से खाली हैं।
राजकीय इंटर कालेज महुवरिया के प्रधानाचार्य सूर्यदेव सिंह ने कहा कि गणित और विज्ञान सहित कई विषयों के शिक्षकों के पद खाली हैं। इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दी गई है। शिक्षकों से सहयोग लेकर पठन पाठन कराया जा रहा है।
राजकीय इंटर कालेज महुवरिया की प्रधानाचार्य डा. गीता सिंह ने कहा कि गृह विज्ञान और कला विषय के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। शिक्षक नहीं होने से संबंधित विषयों के पठन पाठन में परेशानी होती है। अन्य शिक्षक कोर्स पूरा कराने में जुटे हैं।
उधर, जिलाविद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने कहा कि शिक्षकों की कमी के बारे में शासन को अवगत कराया गया है। शिक्षकों की नियुक्ति होते ही राजकीय विद्यालयों में उनकी तैनाती की जाएगी। वर्तमान में व्यवस्था करके पठन-पाठन कराया जा रहा है।