नगर के बूढ़ेनाथ मोहल्ला स्थित सामाजिक कार्यकर्ता जलज के आवास पर बुधवार को चाइनीज मंझे की बिक्री के खिलाफ गांव-गरीब नेटवर्क की बैठक हुई। इसमें सामाजिक संस्था ने कहा कि इतने घातक मंझे के प्रयोग से बचने के लिए शासन-प्रशासन के साथ नागरिकों एवं अभिभावकों को भी सतर्क रहना चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने चाइनीज मंझे को मौत का फंदा बताते हुए जिला प्रशासन से इसके कारोबार को रोकने की मांग किया। संस्था के अध्यक्ष सलिल पांडेय ने कहा कि चाइनीज मंझा प्लास्टिक एवं घटिया स्तर के शीशे (लेड) के प्रयोग से बनता है, जिसका प्रयोग बच्चे ही नहीं बल्कि बड़ी उम्र के लोग पतंग उड़ाने में कर रहे हैं। इस मंझे में प्रयुक्त शीशे पर सूर्य की किरण पड़ने से इसमें से निकलने वाली तरंगों से सिर्फ उड़ाने वाले को ही नहीं आसपास रहने वालों को कैंसर, पेट, आंख की रोशनी आदि बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। श्री गोवर्धननाथ धर्म यात्रा समिति के अध्यक्ष प्रशांत कुमार तिवारी ने कहा कि इसके प्रयोग से ओजोन परत पर भी असर पड़ता है। दाऊ पाठक, शशांक सिंह ने कहा कि नगर में खुलेआम चाइनीज मंझा की बिक्री के खिलाफ आंदोलन होना चाहिए तथा विद्यालयों में प्रार्थना-सभाओं में बच्चों को चाइनीज मांझा से नुकसान का पूरा विवरण बताया जाना चाहिए। नेटवर्क ने यह निर्णय किया है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक के लिए बिक्री स्थलों को चिह्नित कर उसकी सूची जिला प्रशासन को दिया जाएगा तथा इससे होने वाली प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष क्षति का साहित्य शिक्षण संस्थाओं में दिया जाएगा। गोष्ठी में राजेश कुमार मूंदड़ा, शिवकुमार, नन्हकू राम, विभाव पांडेय, विजय श्रीमाली, नागेश प्रसाद, कृष्ण कुमार, विनय यादव, भारत ज्योतिदास आदि ने जन जागरूकता अभियान में हिस्सेदारी का निर्णय किया।