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निकाय चुनाव में धांधली का आरोप, चुनाव निरस्त की मांग

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मिर्जापुर। निकाय चुनाव में निर्दल प्रत्याशी के रूप में खड़े अमिताभ पांडेय ने धांधली को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को पत्रक दिया। आरोप लगाया कि जीआईसी में रखे गए मत पेटियों में रात के अंधेरे में हेरफेर करके भाजपा प्रत्याशी को जिताया गया है। मतपेटियो में पड़े उनके मतों को हटाकर उसके स्थान पर भाजपा के पक्ष में मोहर लगाकर मतपत्र बैलेट बाक्स में डाला गया है।
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कहा कि उनकी पत्नी ने इसके पूर्व 2012 में कांग्रेस के चुनाव निशान पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें 9944 मत प्राप्त मिला था, लेकिन इस बार 2017 के निकाय चुनाव में उन्हें मात्र 1141 मत ही मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मत पेटिका स्थल पर सीसीटीवी नहीं लगाई गई थी और न ही स्ट्रांग रूम की रखवाली के लिए अर्धसैनिक बल को लगाया गया था। इससे यह प्रतीत होता है कि मत पेटिका से कंघा पर लगे निशान के मतपत्रों को निकालकर उसके स्थान पर भाजपा के कमल निशान पर गाढ़ा स्याही से बीचो बीच मोहर एक व्यक्ति के द्वारा लगाया गया है, जो मतगणना के समय भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्र में आरोप लगाया कि कई मत पेटियों में से पड़े मत से अधिक मतपत्र पाया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर बड़े स्तर धांधली की गई है, जो जांच का विषय है। पत्रक में उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से 15 बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जिसमें मतगणना सथल पर सीसीटीवी की व्यवस्था क्यों नहीं थी, प्रार्थी के ससुराल चौबेटोला से केवल दो वोट मिले जबकी ससुराल में ही सात वोट हैं अन्य वोट कहां गए, अध्यक्ष पद के लिए भटवा की पोखरी वार्ड में पड़े मतो के सीरियल नंबर व काउंटिंग नंबर मे अंतर होना, काउंटिंग के समय एक ही स्थान पर कमल के फूल पर गहरे स्याही के निशान की जांच, मतगणना स्थल प मीडिया को रोका जाना, वार्ड में मात्र नौ भाजपा सभासद जीत पाए लेकिन अध्यक्ष पद के लिए 42 हजार के ऊपर मत कैसे पड़ गए आदि शामिल है। कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग, मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल, आईजी विंध्याचल रेंज एवं चुलिस अधिक्षक को भी पत्रक दिया है। उन्होने फोरेंसिक एवं अनियमितताओं की जांच की मांग करने के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव निरस्त किए जाने की मांग की है।
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