चील्ह । जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने कोन ब्लॉक के ग्राम पंचायत मिश्रधाप में वर्ष 2002 से लेकर 2008 तक कराए गए कार्यो में अनियमितता पर वसूली का आदेश दिया है। विकास कार्यो में चार लाख 56 हजार 904 रुपए की वित्तीय अनियमितता के संबंध में तत्कालीन प्रधान, अवर अभियंता और सचिव से अनियमितता की रिकवरी का आदेश दिया। एक सप्ताह में ग्राम पंचायत मिश्रधाप के ग्राम निधि खाता प्रथम में धन जमा नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश एडीओ पंचायत को दिया है।
विकास खंड कोन के तिलठी गांव के अमरेश चन्द्र दुबे ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र के माध्यम से मिश्रधाप गांव के वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत किया था, जिसकी जांच में पाया गया कि सन् 2002 में तालाब गहरीकरण 2007 व 08-09 में तालाब खुदाई मेड़बंदी का कार्य नहीं किया गया। बावजूद इसके फर्जी तरीके से चार लाख 56 हजार 904 रुपए का भुक्तान करा लिया गया। वित्तीय अनियमितता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मिश्रधाप गांव के तत्कालीन प्रधान किरन देवी से 3528 रु, तत्कालीन प्रधान रामजी दुबे से एक लाख 48 हजार 774 रु तथा तत्कालीन सचिव ओम् प्रकाश सिंह से एक लाख 52 हजार 302 रु तत्कालीन अवर अभियंता लघु सिचाई तकनीकी अधिकारी गोपाल पाण्डेय से एक लाख 52 हजार 302 रु वसूली का आदेश दिया । वसूल किया गया धान ग्राम पंचायत मिश्रधाप के ग्राम निधि खाता प्रथम मे एक सप्ताह के अंदर जमा करने का निर्देश दिया है तथा सहायक बिकास अधिकारी पंचायत बिकास खंड कोन को निर्देश दिया कि धन जमा नहीं होता तो दोषियों के बिरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराकर जानकारी डीपीआरओ को दे।