लालगंज। तहसील प्रशासन ने स्वामित्व योजना के तहत क्षेत्र के 226 गांवों का ड्रोन सर्वे कराने की पूरी तैयारी कर ली है। श्रेणी छह की जमीन में बने घरौनी, नाली, चकरोड, खड़ंजा की सर्वे किया जाएगा।
उपरौध क्षेत्र की लगभग चार लाख की आबादी स्वामित्व योजना से लाभान्वित होगी। भारत सरकार के स्वामित्व योजना का लाभ गांव में आबादी पर बनाए घरौनी के मालिकों को मिलेगा। जिसका खाका तहसील प्रशासन ने पूरी तरह से स्थल पर खींच रखा है। इसमें 421 राजस्व गांव में से 337 गांव अनुसूचित किए गए थे। इनमें से 236 गांव का ड्रोन सर्वे तहसील प्रशासन कराएगा। जिन गांवों का सर्वे होगा उस स्थल पर नाली ,खड़ंजा ,घरौनी, चकरोड पर चुने से निशान बनाया जाएगा। इसी निशान के आधार पर ड्रोन कैमरा सर्वे रिपोर्ट देगा। यहां तक की आबादी की जमीन और खेत की जमीन के लिए अलग से एक चिह्न बना दिया जाएगा। जिससे स्पष्ट रूप से आबादी और खेत, नाली, खड़ंजा का सर्वे रिपोर्ट प्रशासन तैयार करेगी। खास बात इसमें यह है कि श्रेणी छह पर बनाए गए घर को ही प्रशासन स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान करेगी। ग्रामीणों के लिए खुशखबरी भरी खबर है कि भारत सरकार के स्वामित्व प्रमाण पत्र से उन्हें ऋण भी मिल सकता है। उस पर मकान मालिक का नाम अंकित रहेगा। उपरौध क्षेत्र के ग्रामीण स्वामित्व योजना से लाभान्वित होंगे।
111 गांव में आबादी नहीं
लालगंज। तहसील क्षेत्र के 111 गांव में आबादी की भूमि नहीं होने से वहां सर्वे नहीं कराया जाएगा। तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि सर्वे शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा।