लालगंज। क्षेत्र के रेचकारी गांव के सामने भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने रविवार को विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि किसानों के सभी कर्ज माफ हो और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किया जाए। कहा कि राजमार्ग सात के चौड़ीकरण में जा रही जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। चेताया कि किसानों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
मंडल महासचिव करुणा शंकर शुक्ल ने सरकार सड़क के चौड़ीकरण में किसानों के साथ दोहरी नीति अपना रही है। यही वजह है कि उनको उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग सात के चौड़ीकरण में किसानों की जा रही जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन चलता रहेगा। मंडल महासचिव ने कहा कि सरकार की नीतियों से इस समय किसान परेशान है। बनारस के टेंगरा मोड़ से लेकर मध्यप्रदेश की सीमा तक के किसान आंदोलित है। जिला महासचिव धर्मदेव उपाध्याय ने कहा कि किसानों की समस्या का निराकरण में हो रहे विलंब से किसानों का आंदोलन बढ़ता रहेगा। साठ वर्ष के उम्र के किसानों को पेंशन जरूरी है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि आधुनिक भारत में किसानों की उपेक्षा अपमान जनक है। इसके लिए रणनीति बनाकर सत्याग्रह चलता रहेगा। इस अवसर पर लालजी सिंह, इंद्रमणि पांडेय, श्याम नरायन मिश्रा, गौरीशकर मिश्रा, विश्वनाथ मिश्रा, काशीचरन, शेषमणि, सुरेंद्र देव तपेश, जमुना, रामजी, विजय शकर आदि शामिल रहे।
विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का धरना