ड्रमंडगंज। सिंचाई के पानी के लिए संघर्षरत विकास खंड हलिया के अति पिछड़े क्षेत्र कोरावल के दर्जनों गांवों में बाणसागर परियोजना का पानी के पहुंचने की उम्मीद जगी है। सुकतरवा से मुड़पेली पांच किलोमीटर बाणसागर के खंड पांच मेजा लिंक नहर से निकलने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबी नहर बनकर तैयार हो गई है। दो किलोमीटर नहर पर कच्चा निर्माण चल रहा है।
नहर से कोरावल क्षेत्र के मुड़पेली, पिपरा, थोथा, उमरिया, खम्हरिया, कवलझर, गांव के हजारों एकड़ भूमि सिंचित होगी। इस नहर के निर्माण से कोरावल क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांव के किसान पानी के अभाव में मोटी फसलें पैदा कर तक सिमटकर रह जाते थे। अब उनके खेतों में बाणसागर का पानी पहुंचने से वह धान व गेहूं की फसल तैयार कर सकेंगे। साथ ही खरीफ की फसल व सब्जियों की खेती कर सकेंगे। नहर के निकलने से क्षेत्रीय किसानों में खुशी है। दिनेश दूबे, मनीस्टर, राजेश, रमेश, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, विनोद सिंह, विवेक सिंह सहित किसानों ने बाण सागर परियोजना से निकलने वाली नहर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि कोरावल के अति पिछडे़ क्षेत्र में बाणसागर के कारण जमीन सिंचित होगी। इस संबंध में अधिशासी अभियंता बाणसागर खंड-5 सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि नहर का निर्माण कार्य चल रहा है। दिसंबर तक नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
कोरावल क्षेत्र में अब लहलहाएगी फसल, किसानों में छाई खुशी