अहरौरा। क्षेत्र के पहाड़ों में शुक्रवार की दोपहर खनन और राजस्व की टीम पहुंचते ही हडकंप मच गया। खनन टीम को देख अवैध रूप से पहाड़ों पर पत्थर तोड़ रहे मजदूर सहित संचालक भी खदान छोड़कर भाग खड़े हुए।
तीन दिन पूर्व वाराणसी में जिलेटिन एवं डेटोनेटर से विस्फोट कर पिता-पुत्र की हत्या किए जाने के बाद में क्षेत्र के पहाड़ों पर जांच करने के लिए खनन सर्वेयर की टीम धमक पड़ी। टीम ने क्षेत्र के डकहि, जिगना, धुरिया, बगहिया, हुसैनपुर, भगौतीदेई सहित कई अन्य पहाड़ों पर पहुंच कर जांच किया। अहरौरा की पहाड़ियों पर खनन टीम के पहुंचने से पूर्व ही पहाड़ों से जिलेटिन व डेटोनेटर व यूरेनियम को हटा दिया गया, जिससे खनन टीम के हाथ कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हो सका। बता दें कि बीते मंगलवार की रात वाराणसी के चौबेपुर थाना के मील्कोपुर गांव में खतरनाक तरीके से अंजाम देकर जिलेटिन व डेटोनेटर राड की मदद से पिता व पुत्र के सिर को उड़ा दिया गया था। इस हृदय विदारक घटना के मौके पर जांच करने पहुंची टीम ने खनन क्षेत्रों में इस्तमाल किए जाने वाले जिलेटिन राड व डेटोनेटर की मदद घटना को अंजाम देने की बात सामने आई थी। ऐसी घटना के उपरांत चीर निद्रा में सो रही प्रशासन की आंखे खुली और क्षेत्र के पहाड़ों को विस्फोट कर उड़ाए जाने की आवाज सुनाई देने लगी। शुक्रवार को ही खनन सर्वेयर द्वारा वैध खनन पट्टा का सीमांकन किया जाना शुरू कर दिया गया और साथ में किन लोगों ने ब्लास्टिंग का लाइसेंस ले रखा है, उनकी भी पड़ताल शुरू कर दिया। खनन टीम के क्षेत्र में उतरते ही पहाड़ों पर प्रतिदिन की भांति हो रहे धड़ल्ले से विस्फोट की गूंज शांत हो गई और खनन करने वालों में हडकंप मच गया। मजे की बात तब हुई जब ब्लास्टिंग की जांच करने पहुंचे अधिकारियों के हाथ कुछ नहीं लगा और उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। खनन विभाग की टीम ने क्षेत्र के पहाड़ों पर अवैध तरीके से कितना खनन किया गया है और कितना राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है इसकी भी जांच किया है।