मिर्जापुर। जिले भर में रात आठ बजे शुक्रवार को अचानक धूल भरी आंधी शुरू हो गई। अचानक मौसम में परिवर्तन से एक बार तो लोग घबरा गए। नगर के लोगों ने घर की छतों पर सूखने के लिए डाले गए कपड़े जल्दी जल्दी समेटने लगे। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली के पोल व तार टूटने से कई गांव के बिजली गुल हो गई तथा कच्चे मकानों के खपरैल टूट गए।
वहीं कुछ लोगों के कपड़े तेज हवा में उड़ गए। धूल भरी आंधी चलने से कुछ ही देर में सड़कों पर सन्नटा पसर गया। सड़क के पटरियों पर खाने पीने की दुकान लगाने वाले अपने ठेले को ढकने लगे। आंधी के कारण बिजली गुम होने के बाद लोग घरों में रहना ही मुनासिब समझा। ड्रमंडगंज संवाददाता के अनुसार खेतों में कटाई के बाद बोज बांधकर रखे गए उड़ गए, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गए। वहीं कच्चे मकान के खपरैल टूटकर गिर गए। आम के पेड़ में बौर व आम झड़ गए। खलिहान में रखा भूसा भी उड़ गए। सोनगढ़ा के नरेंद्र प्रसाद, अमृतलाल, शिवबहादुर सिंह, माधोलाल, मोतीलाल, नरेश, राधेश्याम, कपूरचंद्र आदि किसानों को काफी नुकसान उठानी पड़ी। कछवां संवाददाता के अनुसार बेलरिया हनुमान मंदिर के पास पेड़ गिरने से बिजली का तार व पोल टूटकर गिर पड़ा। वहीं महामल पुर गांव में आम का डाल टूटकर गिरने से बिजी का पोल टूट गया, जिससे लगभग 28 गांव के बिजली प्रभावित हुई है। इसके अलावा नगर पंचायत कार्यालय पर लगा तीन रंगों वाली प्लेट आंधी में उड़ गया। विंध्याचल संवाददाता के अनुसार तेज आंधी के चलते शार्ट सर्किट होने से ओझला पुल के नीचे आग पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, मौके पर दमकल कर्मचारियों ने पहुंचकर आग को बुझाया।
हलिया थाना क्षेत्र के बबुरा कला गांव स्थित बगीचे में लगी आग की चिंगारी से लगभग दो सौ बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। वहीं ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।