पडरी। संतुष्टि मेडिकल कॉलेज व हास्पिटल में मुख्यमंत्री से मिल कर वापस लौटे छात्र-छात्राओं पर कार्रवाई का मामला गरमा गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री द्वारा गठित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज लखनऊ के तीन सदस्यीय जांच टीम कॉलेज पहुंची। टीम ने एसडीएम सदर अरविंद चौहान की मौजूदगी में पीड़ित छात्र-छात्राओं से बयान लिया। जांच के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन पर वसूली का आरोप लगाया। वही प्रबंधन ने छात्रों के आरोप को निराधार बताया।
संतुष्टि मेडिकल कॉलेज व हास्पिटल से बीएएमएस कर रहे छात्र-छात्राओं ने बीते 29 दिसंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल कर उत्पीड़न की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद वापस लौटने वाले छात्र-छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया था। जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने हंगामा भी किया और लगातार अनशन कर रहे हैं। डीएम ने एसडीएम सदर अरविंद कुमार चौहान को मौके पर भेज कर जांच करने का आदेश दिया था। वहीं दूसरी तरफ मामले को गंभीरता से लेते हुुए मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम बना कर जांच के लिए भेजा है। जांच टीम में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज लखनऊ के डा. हेमंत कुमार राय, डा. अशोक कुमार श्रीवास्तव, डा. कमल सचदेव को अनशनरत छात्रों ने अपनी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया। वहीं दूसरी तरफ विद्यालय प्रबंधन ने भी जांच टीम के समक्ष अपनी बातों को विस्तार से रखा। कॉलेज प्रबंधन के सामने छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर योग्य शिक्षकों की तैनाती नही करने, छात्रवृत्ति नहीं मिलने, हॉस्टल के नाम पर छह हजार रुपया प्रतिमाह लेने के बाद भी कोई व्यवस्था नही देने का आरोप लगाया। वहीं छात्रों ने मानसिक रूप से शोषण किए जाने की शिकायत किया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि डोनेशन के नाम पर नगद धनराशि की मांग की जाती है, जिसकी रसीद भी नही दी जाती है। छात्रों ने जांच टीम के सामने कहा कि मुख्यमंत्री के दरबार से लौटने के बाद 31 तारीख से लेकर आज तक छात्रों को कैंपस के अंदर नही दिए जाने दिया जा रहा है तथा झूठे आरोपो में फंसा कर परेशान व शोषण किया जा रहा है। कॉलेज के फीस डोनेशन परीक्षा, फीस आदि के नाम पर सात लाख रुपया लिया जाता है और रसीद भी नही दी जाती है। छात्रों ने कहा कि कॉलेज में पढ़ने पर प्रबंधन द्वारा आये दिन परेशान किया जाएगा। जांच टीम ने मैनेजमेंट डायरेक्टर डॉ ऋतु गर्ग से पूछताछ की। डॉ. संजय गर्ग द्वारा कहा गया कि उन्हें धमकी दी जा रही है। छात्र अनावश्यक दबाव बना रहे हैं।