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गड़बड़ा शीतला धाम शहरहवा मेले में जुटने लगे भक्त

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हलिया। गड़बड़ा शीतला माता धाम में सोमवार को लगने वाले शहरहवा मेले में शनिवार से ही धाम में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। शहरी क्षेत्र के भक्तों ने पैदल चल कर दो दिन पहले से ही मेला क्षेत्र में अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया। शनिवार की सुबह से ही रीवा मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल यात्रा करने वाले भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।प्राचीन काल से आध्यात्मिक लोक संस्कृति का प्रतीक गड़बड़ा शीतला माता का भव्य मंदिर हलिया ब्लॉक के गड़बड़ा गोकुल गांव में सेवटी नदी के तट पर स्थित है। जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित गड़बड़ा शीतला धाम में प्रति वर्ष अगहन माह के शुक्ल पक्ष में पंद्रह दिवसीय मेला लगता है। कैमूर पर्वत श्रृंखला के मनोरम सान्निध्य में स्थित शीतला धाम की महिमा, प्राचीन काल से भक्तों के बीच बनी हुई है। शीतला माता के महात्म्य एवं लोक प्रसिद्धि की चर्चा दूर दूर तक फैली हुई है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो सौ वर्ष पहले गड़बड़ा गोकुल गांव में एक नीम के पेड़ के खोखली जड़ में मां शीतला की प्रस्तर मूर्ति प्रकट हुईं थी। इसके बाद वहां गांव के अलावा आसपास के गांव के लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी, तभी से लोग नीम के पेड़ के नीचे चबूतरा बना कर स्थापित मां की प्रतिमा का पूजन अर्चन करने लगे। कालांतर में तत्कालीन विजयपुर स्टेट के राजा द्वारा वहां शीतला माता के मंदिर का निर्माण करा दिया गया। बताया जाता है कि धीरे-धीरे शीतला माता के महात्म्य की ख्याति चारों ओर फैल गई। गड़बड़ा शीतला माता धाम में पंद्रह दिवसीय मेला भी लगने लगा। शीतला माता धाम की महिमा का असर यह है कि मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर तथा इलाहाबाद जिले के अलावा मध्यप्रदेश के रीवां एवं सीधी जिले से भी बड़ी संख्या मां के भक्त धाम में पहुंचते हैं।
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