जिगना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ छानबे ब्लॉक के गांवों की हालत काफी खराब है। लोग शौचालयों का उपयोग करने की बजाए उसमें उपली रख रहे हैं। बावजूद इसके सत्यापन करने पहुंची मंडलीय टीम द्वारा गांव को ओडीएफ घोषित किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सोमवार को छानबे ब्लॉक के ग्राम पंचायत बबुरा, सुपंथा, नदिनी में स्वच्छता अभियान का सत्यापन हुआ। मंडलीय कोआर्डिनेटर आशीष तिवारी, शौचालय सत्यापनकर्ता गोविंद, गौरव पांडेय तथा ब्लाँक कोआर्डिनेटर मनीष कुमार खुले में शौच मुक्त की हकीकत से रुबरू हुए। सुपंथा में सबसे खराब हालत मिली। गंदगी के अलावा शौचालयों में उपली भरी मिली, जिस पर टीम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रधान व लाभार्थी को फटकार लगाई। वहीं नदिनी में एक शौचालय में उपली भरी हुई थी, उसे तत्काल खाली कराया गया। बबुरा में सत्यापन के दौरान खेत बाग बगीचा नाली आम रास्ता आदि के अतिरिक्त शौचालयों में प्रयोग की जमीनी जानकारी हासिल की गई। ग्राम प्रधान जया सिंह व आनंद सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि गांव स्वच्छता में अग्रणी रहे। वहीं बबुरा व नदिनी के रामचंद्रपुर को टीम ने खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया। इसके बाद टीम सायंकाल गौरा मे सत्यापन करने पहुंची थी ।
उधर, परियोजना निदेशक डा. हरिचरण सिंह ने विकास खंड सिटी के अरगजा पांडेय में बने आवासों और शौचालयों का निरीक्षण किया। साथ ही निर्देेश दिया कि अधूरे आवासों का निर्माण 15 नवंबर तक अवश्य पूर्ण कराएं। निरीक्षण के दौरान कई शौचालय अधूरे मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एडीओ पंचायत विजय मौर्या को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही किया जाएगी।